- एचटीपीएस का झाबू राखड़ डैम फूटा था 19 अप्रैल को - मार्च में भी डैम फूटने पर 18 करोड़ का लगाया था जुर्माना कोरबा (ईएमएस) जानकारी के अनुसार एचटीपीएस संयंत्र प्रबंधन का झाबू नवागांव राखड़ डैम फूटने से लाखों टन राख हसदेव दर्री बैराज में समा गया। इसकी वजह से पांच दिन तक बैराज का गेट खोलकर 4.52 मिलियन घन मीटर पानी नदी में बहाना पड़ा। पानी की गणना के बाद विभाग ने बिजली उत्पादन कंपनी पर 20.34 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके पहले मार्च में 18 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था। प्रशासनिक जांच में उत्पादन कंपनी की लापरवाही सामने आई थी। उल्लेखनीय हैं की एचटीपीएस का झाबू राखड़ डैम 19 अप्रैल को फूटा था। घटना में मरम्मत में लगे एक्सवेटर ऑपरेटर की दबकर मृत्यु हो गई थी। दूसरी ओर दर्री बैराज में राखड़ आने से पानी प्रदूषित हो गया था। 20 अप्रैल से गेट खोलकर पानी नदी में बह्मना पड़ा। इस दौरान सिंचाई के लिए नहर में में पानी पानी छोड़ा जा रहा था। राखड़युक्त पानी आने की वजह से जांजगीर जिले के किसानों ने भी आपत्ति जताई थी। इसके बाद सिंचाई विभाग पानी की गणना में जुट गया था। - कलेक्टर द्वारा बनाई थी जांच टीम को जांच में मिली घोर लापरवाही मार्च में राखड़ डैम फूटने के मामले में कोरबा जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अपर कलेक्टर ओंकार यादव के नेतृत्व जांच टीम बनाई थी। टीम अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर चुकी है, जिसमें उत्पादन कंपनी की घोर लापरवाही सामने आई थी। नगर निगम ने भी राखड़ की वजह से पानी प्रदूषित होने पर चिंता जताई थी। बैराज और नदी से ही पानी लेकर शहर में आपूर्ति की जाती है। डेढ़ महीने के भीतर डैम फूटने की दो बार घटना ने सबकी चिंता बढ़ा दी है। कंपनियों के राखड़ डैम हसदेव नदी के ऊपरी हिस्से में है। बारिश के समय राखड़ आने पर पता ही नहीं चलता है। - विद्युत संयंत्र की बंद करनी पड़ी 210 मेगावाट की दो यूनिट राखड़ डैम फूटने से पावर प्लांट की यूनिट-3 और यूनिट-4 को बंद कर दिया गया है। इससे 210 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित है। करीब 23 दिन बाद भी दोनों यूनिट से बिजली उत्पादन शुरू नहीं हो पाया है। इससे भी उत्पादन कंपनी को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। * पानी में 28% राख घुलने से आपूर्ति हुई थी प्रभावित कोरबा नगर निगम के 67 वार्डों में नहर व सर्वेश्वर एनीकट से पानी लेकर आपूर्ति की जाती है। कोहड़िया वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी गंदा होने से साफ करने में समय लग रहा है। इस वजह से सुबह 7 बजे की बजाय 10 से 11 बजे तक पानी आपूर्ति हो रही थी। करीब पांच दिन तक शेड्यूल बिगड़ा रहा था। * किये गए दो अधिकारी निलंबित परन्तु नहीं हुई ठेका कंपनी पर कार्यवाही राखड़ डैम फूटने के मामले में उत्पादन कंपनी ने अधीक्षण अभियंता को हटा रायपुर से सत्येंद्र कुमार साहू को भेजा है। इसके साथ ही सहायक अभियंता सिविल और कार्यपालन अभियंता को निलंबित किया है। अब तक रखरखाव का काम कर रही ठेका कंपनी पर कार्यवाही नहीं की गयी है। * कब कितना पानी नदी में बहाना पड़ा दिनांक पानी की मात्रा 20 अप्रैल 0.32 21 अप्रैल 0.22 22 अप्रैल 0.50 23 अप्रैल 0.50 24 अप्रैल 0.84 (एमसीएम में) हसदेव दरी दर्री बैराज में पदस्थ एसडीओ पी.के. टोप्पो ने जानकारी देते हुए बताया कि बिजली उत्पादन कंपनी को पानी देने के लिए पहले से ही अनुबंध है। 15 रुपए प्रति क्यूबिक मीटर के हिसाब से जलकर वसूली की जाती है। इसका तीन गुना जुर्माना लगाया गया है। एचटीपीएस संयंत्र पश्चिम के सीई एच.के. सिंह ने बताया कि राखड़ डैम की मरम्मत का काम अभी चल रहा है। इसमें अभी समय लगेगा। इसकी वजह से दो यूनिट को बंद रखा गया है। 20 मई / मित्तल