- बेहाल लेमरू की पंचायतों में स्टील के स्ट्रक्चर तैयार - टंकियां भी लगी पर सोलर पंप नहीं लगने से नहीं पहुंचा जल कोरबा (ईएमएस) ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए देशभर में जल जीवन मिशन चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के सहयोग से हर घर जल नाम से जानी जाने वाली इस योजना की शुरूआत अगस्त 2019 में हुई। जानकारी के अनुसार ग्राम लेमरू क्षेत्र के पंचायतों में 6 साल बाद भी घर-घर जल से दूर है, क्योंकि क्रेडा में फंड अटकने की वजह से स्टील का स्ट्रक्चर तैयार होने व टंकियां लगने के बाद सोलर पंप नहीं लग सका है। ग्राम लेमरू, बड़गांव, लामपहाड़ सहित आसपास क्षेत्र के कई पंचायत में हर घर जल के लिए तैयारी स्ट्रक्चर शोपीस बनकर रह गई है। जबकि पहाड़ी क्षेत्र होने से जल की समस्या होने से गर्मी के सीजन में ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। महिलाएं व बच्चे कई-कई किलोमीटर दूर जाकर कुआं या ढोढ़ी से जल लाने को मजबूर हैं। ऐसे में भीषण गर्मी में जल की कमी से ग्राम में बीमारियों फैलने का खतरा बना है। - अधिकारी आते हैं, फोटो खींचते हैं और चले जाते हैं-ग्रामीण बड़गांव पंचायत के ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 2 साल से जल जीवन मिशन का काम अधूरा पड़ा है। इस कारण से ढाई हजार की जनसंख्या वाले पंचायत में सभी परिवार 1 किमी दूर कुआं से जल लाने को मजबूर है। अधिकारी आते हैं, फोटो खींचते हैं और चले जाते हैं, पर काम आगे नहीं बढ़ रहा है। सरपंच भुवनेश्वर सिंह कंवर ने बताया कि फंड अटकने की वजह से ठेकेदार ने आगे काम नहीं किया। लेमरू पंचायत के त्रिभुवन सिंह कंवर ने बताया कि ग्राम में 2 साल पहले से हर घर जल के लिए स्टैंड और टंकी लगाया गया है लेकिन सोलर मोटर नहीं लगा और न ही घरों तक नल पहुंचा है। गर्मी में बोर व हैंडपंप सुख चुके हैं। ऐसे में गांव का हर परिवार गर्मी में बूंद-बूंद को तरस रहा है। शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पेयजल व्यवस्था के लिए आश्वासन देने के बाद अब राहत की उम्मीद है। लामपहाड़ पंचायत के बुजुर्ग दिलदास एक्का बताते हैं कि कई दशक बीत गए पर पानी की समस्या गांव से दूर नहीं हुई। घर-घर नल पहुंचाने का दावा चुनाव से पहले किया गया था लेकिन अभी तक गांव में पानी की टंकी ही नहीं तैयार हुई है। आधा-अधूरा स्टील का ढांचा देखकर डर लगता है कि आंधी-तूफान में किसी के ऊपर गिर न जाए। सरपंच भी प्रयास कर चुके लेकिन ठेकेदार ने पैसा बकाया कहकर काम आगे नहीं किया। * प्रत्येक सेटअप पर 14.60 लाख हुए खर्च जल जीवन मिशन के कार्य के लिए अधिकृत विभाग पीएचई है। हर घर जल योजना के लिए सभी पंचायत में स्टील स्ट्रक्चर तैयार करने और टंकी बिठाने के बाद सोलर पंप के जरिए पानी उपलब्ध कराकर घर-घर पहुंचाना है। प्रत्येक सेटअप पर 14.60 लाख खर्च हो रहा है। सभी पंचायत में स्टील स्ट्रक्चर खड़े हो चुके हैं पर कई जगह टंकियां नीचे में कई महीने से पड़ी हुई हैं। - गंदे पानी की वजह से होने वाली बीमारी हो जाती कम हर घर जल योजना का प्रमुख उदेश्य हर घर में फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन के माध्यम से पर्याप्त मात्रा और निर्धारित गुणवत्ता वाला पेयजल उपलब्ध कराना है। योजना के शुरू होने से जहां गांवों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होती तो पानी भरने के लिए महिलाओं को लगने वाला समय व श्रम बचता। साथ ही गंदे पानी से होने वाली बीमारियां कम हो जाती। - क्रेडा की ओर से सोलर पंप लगाने में हो रही देरी: ईई पीएचई के ईई रमन उरांव ने बताया कि हर घर जल योजना के लिए ग्रामीण अंचल में स्ट्रक्चर तैयार करके टंकी बिठाने व सोलर पंप लगाने का कार्य क्रेडा को दिया गया है। क्रेडा की ओर से कई पंचायतों में स्ट्रक्चर व टंकी का काम पूरा कर लिया गया है पर सोलर पंप लगाने में देरी हो रही है। इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारी ही सही जानकारी दे सकते हैं। 20 मई / मित्तल