कोरबा (ईएमएस) कोरबा अंचल सीएसईबी चौक से अर्थी को कंधा देते चार युवक जा रहे थे। मृतक के परिजन, परिवार की रोती-बिलखती महिलाओं को देखकर राह चलता हर व्यक्ति ठिठक गया। अंतिम यात्रा सीएसईबी चौक से बुधवारी बाजार महाराणा प्रताप चौक तक गई। फिर लौटकर सीएसईबी चौक, अशोक वाटिका, टी.पी. नगर से गायत्री मंदिर सीएसईबी चौक तक आई। हालांकि यह किसी व्यक्ति की अंतिम यात्रा नहीं, बल्कि अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में गायत्री शक्तिपीठ टी.पी. नगर में आयोजित व्यक्तित्व निर्माण युवा शिविर में शामिल युवाओं की नशा मुक्ति रैली थी। रैली में शामिल हर युवक-युवती के हाथ में नशे के प्रति जागरूक करने वाला पोस्टर था। सभी ने नारे लगाकर शराब छोड़ दो, जीवन संवार लो, जीवन कीमती है, इसे ऐसे ही न जाने दो, एक व्यक्ति के जाने से उसके परिवार पर क्या असर पड़ता है यह संदेश दिया। जिला प्रमुख राजकुमार देवांगन ने बताया कि गायत्री मंदिर सीएसईबी चौक में 16 से 21 मई तक शिविर युवाओं के लिए आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में जिलेभर से युवा भाग ले रहे हैं। उन्हें कार्यशाला में विभिन्न संस्कार सिखाए जा रहे हैं। निकाली गई नशामुक्ति रैली युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण का एक हिस्सा थी। प्रशिक्षण में शामिल हर युवा अपने अपने क्षेत्र में लौटने पर बेहतर भविष्य की प्रेरणा बनेंगे। गायत्री परिवार के युवा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक रमाकांत साहू ने बताया कि पांच दिवसीय शिविर में युवाओं को विविध संस्कार सिखाए जा रहे हैं। संस्कारों के विज्ञान की पाठशाला आयोजित की गई। इसमें बताया गया कि इसके माध्यम से केवल प्राचीन परंपराएं ही नहीं, वरन आधुनिक जीवनशैली में व्यावहारिक अध्यात्म और विज्ञान का संतुलन बनाना सिखाया जाता है। आचार्य श्रीराम शर्मा के अनुसार युवाओं के लिए संस्कारों का अर्थ ऊर्जा का सही दिशा में नियोजन करना है, जो कार्यशाला का अहम अंग है। 20 मई / मित्तल