क्षेत्रीय
21-May-2026
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सामुदायिक वन संसाधनों के दावों में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक में प्रकरणों की हुई समीक्षा बालाघाट (ईएमएस). कलेक्टर मृणाल मीना की अध्यक्षता में बुधवार को जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सामुदायिक वन संसाधन दावों एवं वनग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर मृणाल मीना ने जिला स्तर पर प्राप्त सामुदायिक वन संसाधनों के 6 दावों हतबन, सरईपतेरा, बंधनखेरों, पटपरा, बाजगुंदी एवं परसाटोला के निराकरण में वन विभाग द्वारा अपेक्षित कार्यवाही नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने वन मंडलाधिकारी रेशमसिंह धुर्वे एवं नित्यानंद एस. को निर्देशित किया कि सामुदायिक वन संसाधन (सीएफआरआर) दावों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में वन परिक्षेत्र अधिकारी वरिंदर सिंह द्वारा वनग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की प्रक्रिया में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 52 वनग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित किया जाना है। इनमें से 39 वनग्रामों के समस्त व्यक्तिगत वनाधिकार दावों का निराकरण पूर्ण कर लिया गया है। वहीं कान्हा टाइगर रिजर्व (बफर जोन) अंतर्गत शेष 13 वनग्रामों के लंबित व्यक्तिगत दावों के निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने वन अधिकार अधिनियम के तहत अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिले के 348 आदि सेवा केन्द्रों पर व्यक्तिगत वनाधिकार दावे प्राप्त करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि वनाधिकार से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पात्र हितग्राहियों को समय पर अधिकार दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बीट गार्ड रूपसिंह मरावी व आमगहन पंचायत के सचिव विनोद भालेराव को कार्य मे लापरवाही के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। भानेश साकुरे / 21 मई 2026