सरपंचों ने खोला मोर्चा, कार्रवाई की मांग तेज सरपंचों ने लगाया 5 से 15 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप बालाघाट (ईएमएस). परसवाड़ा जनपद पंचायत में पदस्थ उपयंत्री ज्ञानप्रकाश सुलाखे पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि निर्माण कार्यों के मूल्यांकन और भुगतान के एवज में 5 से 15 प्रतिशत तक कमीशन मांगा जा रहा है। विरोध करने पर फाइलें रोकने, कम मूल्यांकन करने और अभद्र व्यवहार करने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इस मामले में उपयंत्री के खिलाफ सरपंचों ने मोर्चा खोल दिया है। ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की है। जनपद पंचायत परसवाड़ा में पदस्थ उपयंत्री ज्ञानप्रकाश सुलाखे के खिलाफ पंचायत प्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। सरपंचों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्यों के मूल्यांकन और भुगतान के लिए उनसे खुलेआम कमीशन मांगा जा रहा है। कमीशन नहीं देने पर फाइलें अटकाने और कार्यों का कम मूल्यांकन करने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। बीते दिनों सरपंच संघ ने जनपद पंचायत पहुंचकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी धन्नाराम उइके को ज्ञापन सौंपा और उपयंत्री को तत्काल हटाने के साथ वैधानिक कार्रवाई की मांग की। सरपंचों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पंचायत स्तर पर विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो जाएंगे। 1.82 लाख के काम का सिर्फ 74 हजार मूल्यांकन ग्राम पंचायत लिंगा के सरपंच एवं सरपंच संघ उपाध्यक्ष कपूरचंद वरकड़े ने बताया कि नलकूप निर्माण कार्य के लिए 1.82 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। पहले 60 हजार का मूल्यांकन किया गया, लेकिन शेष कार्य का मात्र 14 हजार रुपए ही मूल्यांकन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि 5 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई और विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का उपयोग कर अपमानित किया गया। हम जनप्रतिनिधि हैं, किसी के गुलाम नहीं ग्राम पंचायत चीनी की महिला सरपंच प्रमिला उइके ने कहा कि इंजीनियर समय पर मूल्यांकन नहीं करते, जिससे पंचायतों को जवाब देना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि फाइलें कार्यालय में लेने के बजाय अपने कमरे में बुलाकर कमीशन मांगा जाता है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि कमीशन ही लेना है तो नौकरी छोड़ दें, हम जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं, किसी के गुलाम नहीं। महिला सरपंचों ने लगाए दुव्र्यवहार के आरोप ग्राम पंचायत बडग़ांव की सरपंच गीता हिम्मत उइके ने भी उपयंत्री पर अभद्र व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणियों के आरोप लगाए। उनका कहना है कि मौके पर निरीक्षण करने के बजाय उन्हें बार-बार कमरे में बुलाया जाता है और विरोध करने पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। 10-15 प्रतिशत कमीशन देंगे तो विकास कैसे होगा? पोंगारझोड़ी के सरपंच दिनेश वरकड़े ने कहा कि यदि 5 लाख के कार्य में केवल 3 लाख का ही मूल्यांकन किया जाता है और शेष राशि के लिए कमीशन मांगा जाता है, तो विकास कार्य प्रभावित होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो चक्का जाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा। विधायक तक पहुंचा मामला मामला अब राजनीतिक स्तर तक पहुंच गया है। सरपंचों ने शिकायत परसवाड़ा विधायक मधु भगत तक पहुंचाई है। बताया जा रहा है कि विधायक ने जनपद सीईओ और जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ से चर्चा कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इनका कहना है इस मामले में सरपंचों ने लिखित शिकायत की है। प्राप्त शिकायत को जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पंचायत सीईओ को भेज दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। -धन्नाराम उइके, सीईओ, जपं परसवाड़ा भानेश साकुरे / 21 मई 2026