राज्य
23-May-2026
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- ममता की बैठक से 50 पार्षद गायब - अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों को नोटिस कोलकाता (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर की कलह अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के पार्षदों की बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक में भारी गुटबाजी देखने को मिली। निगम में बहुमत होने के बावजूद कुल 136 में से केवल 86 पार्षद ही इस बैठक में पहुंचे, जबकि 50 से अधिक पार्षदों ने इससे दूरी बनाए रखी। अनुपस्थित रहने वालों में दक्षिण कोलकाता के राशबेहारी से चुनाव हारे मेयर-परिषद सदस्य देबासिस कुमार जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं। यह आंतरिक विवाद ऐसे समय में गहराया है जब केएमसी ने पिछले सात दिनों में ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी से जुड़ी 17 संपत्तियों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें कालीघाट स्थित उनका मुख्य आवास भी शामिल है। बैठक में शामिल न होने वाले कई वरिष्ठ पार्षदों ने ममता और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व के खिलाफ खुलकर असंतोष व्यक्त किया है। दूसरी ओर, म्युनिसिपल कमिश्नर स्मिता पांडे द्वारा सदन के निर्धारित सत्र को रद्द किए जाने के बाद कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम और चेयरपर्सन माला रॉय की अगुवाई में पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। मुख्य बैठक कक्ष में ताला लटका होने के कारण मेयर ने पार्षदों के क्लब रूम में ही एक समानांतर सदन बैठक आयोजित की। टीएमसी पार्षदों ने इसे लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर हमला बताते हुए तानाशाही कार्रवाई करार दिया। इस बीच, मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने टीएमसी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा पार्षद सजल घोष और प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस समानांतर बैठक पर सवाल उठाते हुए कहा कि बंगाल में सत्ता बदल चुकी है, लेकिन टीएमसी की जमींदारी मानसिकता नहीं गई है। भाजपा ने कहा कि कोलकाता की जनता तृणमूल को नकार चुकी है और केएमसी में उनका जाना अब तय है। रामयश/ईएमएस 23 मई 2026