मॉस्को (ईएमएस)। सोशल मीडिया पर आजकल रूस के साइबेरिया क्षेत्र का एक छोटा सा गांव तेजी से चर्चा में बना हुआ है। यहां तापमान अक्सर माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, लेकिन इसके बावजूद गांव में भगवान शिव और भगवान श्रीकृष्ण के भजन गूंजते रहते हैं। कड़ाके की ठंड और बर्फ से ढके इस इलाके में भारतीय संस्कृति, भक्ति संगीत और आध्यात्मिक माहौल लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। रूस के ओम्स्क क्षेत्र में स्थित ओकुनेवो गांव को अब लोग “साइबेरिया का मिनी इंडिया” और “रूस का हिंदू गांव” कहकर बुलाने लगे हैं। चारों ओर फैली बर्फ, शांत वातावरण और बेहद ठंडी जलवायु के बीच भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं की मौजूदगी इस जगह को खास बनाती है। गांव में एक कृष्ण मंदिर भी मौजूद है, जिसका संबंध इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस यानी इस्कॉन से बताया जाता है। यहां नियमित रूप से हरे कृष्ण महामंत्र का जाप किया जाता है और भगवान शिव की पूजा भी बड़े श्रद्धाभाव से होती है। गांव में रहने वाले लोग योग, ध्यान और वैदिक दर्शन से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। आध्यात्मिक शांति और सुकून की तलाश में कई लोग यहां पहुंचते हैं। हाल ही में एक भारतीय ट्रैवलर द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के बाद यह गांव इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में बर्फ से ढके वातावरण के बीच लोग भक्ति में डूबे नजर आए, जिसे देखकर भारतीय यूजर्स ने खुशी जताई। कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रभाव का उदाहरण बताया। हालांकि सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इस गांव को प्राचीन हिंदू सभ्यता से जोड़कर भी देख रहे हैं, लेकिन विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार ऐसा कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है। बताया जाता है कि पिछले कुछ दशकों में यहां भारतीय आध्यात्मिक विचारधारा का प्रभाव बढ़ा है। यह गांव केवल हिंदू परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग आध्यात्मिक विचार रखने वाले लोग भी यहां शांति और सौहार्द के साथ रहते हैं। सुदामा/ईएमएस 25 मई 2026