- पर्यटकों द्वारा ज्यादा रुकना और आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए बदले नियम - थाई सरकार ने पर्यटकों के लिए पहले की तरह वीजा ऑन अराइवल लागू करने का फैसला लिया, 15 जून से लागू हो सकती है नई व्यवस्था भोपाल (ईएमएस)। भारतीय पर्यटकों के लिए आने वाले दिनों में थाईलैंड की यात्रा महंगी हो सकती है। थाईलैंड सरकार ने भारत सहित 90 से ज्यादा देशों के पर्यटकों के लिए वीजा नियमों में बदलाव करने का फैसला लिया है। इसके तहत भारतीय पर्यटकों के लिए लागू 60 दिन की वीजा फ्री एंट्री व्यवस्था खत्म होगी और पर्यटकों को दोबारा वीजा ऑन अराइवल लेना होगा। ट्रेवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि हाल ही में हुई थाई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। हालांकि अभी नए नियम आधिकारिक रूप से लागू नहीं हुए हैं, लेकिन संभावना है कि इन्हें 15 जून तक लागू किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के बाद थाईलैंड सरकार ने पर्यटन बढ़ाने के लिए वीजा फ्री एंट्री की सुविधा शुरू की थी। इसके तहत भारतीय पर्यटक बिना वीजा थाईलैंड जाकर 60 दिनों तक रुक सकते थे, लेकिन इस व्यवस्था में बदलाव के बाद भारतीय पर्यटकों को एयरपोर्ट पर वीजा ऑन अराइवल लेना होगा, साथ ही थाई सरकार पर्यटकों को 60 दिन के बजाए सिर्फ 15 दिन के लिए और विशेष परिस्थिति में 30 दिन तक के लिए ही वीजा देगी। रिटर्न टिकट भी जरूरी थाईलैंड में वीजा ऑन अराइवल लेने वाले भारतीय पर्यटकों को केवल वीजा शुल्क ही नहीं देना होगा, बल्कि यात्रा से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी दिखाने होंगे। थाई प्रशासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार पर्यटकों के पास वैध पासपोर्ट, कन्फर्म रिटर्न टिकट और यात्रा के दौरान खर्च उठाने के लिए पर्याप्त राशि होना जरूरी रहेगा। एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारी जरूरत पडऩे पर फंड का प्रमाण भी मांग सकते हैं। ऐसे में यात्री के पास 2 हजार थाई भात यानी करीब 60 हजार रुपए से ज्यादा कैश या क्रेडिट कार्ड बैलेंस में दिखाने पड़ सकते है। पर्यटक थाईलैंड जाकर कर रहे कानूनों का उल्लंघन थाईलैंड सरकार के अनुसार पिछले कुछ समय में बड़ी संख्या में पर्यटकों द्वारा तय समय से ज्यादा रुकने, पर्यटन वीजा पर अवैध काम करने और स्थानीय कानूनों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं। सुरक्षा और स्क्रीनिंग को मजबूत करने के लिए अब नियमों को सख्त किया जा रहा है। थाई प्रशासन क्वालिटी टूरिज्म मॉडल पर काम कर रहा है, जिसमें नियमों का पालन करने वाले पर्यटकों को प्राथमिकता दी जाएगी। 6 हजार से ज्यादा महंगी होगी यात्रा कटारिया ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद भारतीय पर्यटकों को वीजा ऑन अराइवल के लिए 2 हजार थाई भात (थाई मुद्रा) शुल्क देना होगा। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 6200 रुपए के आसपास बैठती है। ऐसे में थाईलैंड घूमने जाने वाले पर्यटकों का कुल खर्च पहले की तुलना में बढ़ जाएगा। घट सकता है पर्यटन टूरिज्म कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि नियमों में बदलाव का असर भारतीय पर्यटकों पर साफ दिखाई देगा। थाईलैंड भारतीयों के लिए सबसे लोकप्रिय विदेशी पर्यटन स्थलों में शामिल है। भोपाल सहित देशभर से हर महीने बड़ी संख्या में लोग बैंकॉक, पटाया और फुकेट घूमने जाते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रा खर्च बढऩे से पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो सकती है। विनोद / 25 मई 26