राज्य
25-May-2026


मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई के चर्नी रोड स्थित महाराष्ट्र राज्य जवाहर बालभवन की नवनिर्मित और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इमारत का लोकार्पण सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे, कौशल रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, मुंबई महानगरपालिका की महापौर रितू तावडे तथा पूर्व शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 75 वर्षों बाद बालभवन भवन का बेहद सुंदर और आधुनिक तरीके से नवीनीकरण किया गया है। यहां बच्चों के लिए कला, संस्कृति, संगीत, खेल और विभिन्न कौशलों को सीखने की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह परिसर बच्चों और अभिभावकों के लिए प्रेरणादायक केंद्र बनेगा, जहां बच्चे अपनी प्रतिभा को नई दिशा दे सकेंगे। मुख्यमंत्री ने मुंबई महानगरपालिका से अपील करते हुए कहा कि महानगरपालिका स्कूलों के विद्यार्थियों को भी यहां लाया जाए ताकि वे इस आधुनिक वातावरण और सुविधाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि हर वर्ष करीब एक लाख विद्यार्थियों के लिए यहां प्रशिक्षण और गतिविधियों की व्यवस्था की गई है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि यह उनके लिए गर्व का विषय है कि उन्हें उस ऐतिहासिक भवन के लोकार्पण समारोह में शामिल होने का अवसर मिला, जिसे लौहपुरुष सदर वल्लभ भाई पटेल और भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के स्पर्श से गौरव प्राप्त हुआ था। उन्होंने विश्वास जताया कि नई इमारत से विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं और बेहतर अवसर मिलेंगे। शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने कहा कि हर बच्चे में कलाकार, वैज्ञानिक और नेता बनने की क्षमता छिपी होती है तथा बालभवन उनकी प्रतिभा को मंच देने का कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक संस्था की आधारशिला 24 मई 1950 को सरदार वल्लभभाई पटेल ने रखी थी, जबकि 24 फरवरी 1952 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसका उद्घाटन किया था। इसके अलावा जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और मोरारजी देसाई ने भी इस संस्था का दौरा किया था। उन्होंने बताया कि पूर्व शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर के कार्यकाल में इस इमारत के नवीनीकरण के लिए लगभग 3.5 करोड़ रुपये तथा आधुनिक कला दीर्घाओं के निर्माण के लिए अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये का निधि उपलब्ध कराया गया। नई इमारत में भूतल पर अत्याधुनिक प्रेक्षागृह और समृद्ध पुस्तकालय बनाया गया है। पहली मंजिल पर नृत्य, नाटक और संगीत कक्ष, जबकि दूसरी मंजिल पर मूर्तिकला और चित्रकला दीर्घाएं तैयार की गई हैं। विद्यार्थियों के प्रदर्शन के लिए विशेष मंच भी बनाया गया है। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस भवन में 100 विद्यार्थियों की क्षमता वाले तीन आधुनिक सभागृह बनाए गए हैं, जहां एक साथ 500 विद्यार्थी विभिन्न कलाओं का प्रशिक्षण ले सकेंगे। बालभवन में कला, संगीत, नृत्य, अभिनय, चित्रकला, शिल्पकला, भरतनाट्यम, कथक और लोककला के साथ-साथ मल्लखांब, योग, कराटे, शतरंज और स्केटिंग जैसी गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य जवाहर बालभवन और सर जे. जे. स्कूल ऑफ़ आर्ट के बीच एक सामंजस्य करार (एमओयू) भी किया गया, जिसके तहत विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय कला प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। समारोह में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रधानाध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। संजय/संतोष झा- २५ मई/२०२६/ईएमएस