क्षेत्रीय
25-May-2026
...


200 महिलाओं की सहभागिता से भक्तिमय हुआ वातावरण, “नर्मदे हर” और “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंजा नगर नर्मदापुरम (ईएमएस)। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद नर्मदापुरम की नवांकुर संस्था ज्ञान सरोवर वेलफेयर सोसाइटी एवं निष्ठा नगर विकास समिति मालाखेड़ी के संयुक्त तत्वावधान में नर्मदा के पावन गोंदरी घाट से भव्य 12 ज्योतिर्लिंग कलश यात्रा निकाली गई। मां नर्मदा के जयकारों, ढोल-नगाड़ों और भक्तिमय वातावरण के बीच निकली इस यात्रा ने पूरे नगर को शिवमय बना दिया। कलश यात्रा में 200 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर जल-कलश रखकर उत्साहपूर्वक सहभागिता की। “हर-हर महादेव”, “नर्मदे हर” एवं भक्ति घोषों से पूरा मार्ग गूंज उठा। यात्रा गोंदरी घाट से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई 12 ज्योतिर्लिंग स्थल तक पहुंची, जहां विधि-विधान से जलाभिषेक किया गया। यह आयोजन टास्क मैनेजर श्री दरयाव सिंह सूर्यवंशी, संभाग समन्वयक श्री कौशलेश प्रताप तिवारी, जिला समन्वयक श्री पवन सहगल एवं विकासखंड समन्वयक श्री नरेंद्र देशमुख के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना एवं धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। कार्यक्रम में ज्ञान सरोवर वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष श्री साहिल तिलोटिया, परामर्शदाता श्री राजेंद्र कुशवाहा, निष्ठा नगर विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती मालती राणा, सचिव श्रीमती चांदनी कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। संस्था अध्यक्ष श्री साहिल तिलोटिया ने बताया कि नवांकुर योजना अंतर्गत संस्था लगातार जल संरक्षण, स्वच्छता एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कलश यात्रा नारी शक्ति को जोड़ते हुए धर्म एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश देने का प्रयास है। निष्ठा नगर विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती मालती राणा ने बताया कि मालाखेड़ी क्षेत्र की महिलाओं के लिए यह पहला अवसर था, जब वे इतनी बड़ी संख्या में एक साथ धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनीं। सचिव श्रीमती चांदनी कुशवाहा ने सभी सहयोगियों एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण एवं भंडारे का आयोजन किया गया। साथ ही उपस्थित जनों को “एक पौधा-एक कलश” का संकल्प भी दिलाया गया। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को संस्कृति एवं नर्मदा संरक्षण से जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया। ईएमएस/ राजीव अग्रवाल/ 25 मई 2026