रायपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ में इस वर्ष ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर प्रशासन और वक्फ बोर्ड पूरी तरह सतर्क मोड में हैं। त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्यभर में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन अनिवार्य होगा और उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी नमाज शिफ्ट प्रणाली के तहत अदा की जाएगी। जारी निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, मैदानों और खुले क्षेत्रों में कुर्बानी पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निजी परिसरों में ही की जा सकेगी। प्रशासन ने कहा है कि यह कदम स्वच्छता बनाए रखने और सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। वक्फ बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान डीजे और तेज आवाज में साउंड सिस्टम के उपयोग पर सख्ती रहेगी। निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी करेंगी। इसके अलावा, ईद-उल-अजहा की नमाज के लिए समय भी तय किया गया है। राज्यभर की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज सुबह 6 बजे से 11 बजे के बीच अदा की जाएगी, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन सुचारू रूप से संचालित हो सके। प्रशासन ने सभी जिलों में अधिकारियों को अलर्ट रहने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। नगर निगमों को विशेष रूप से साफ-सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि त्योहार के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जो अधिकतम 50 हजार रुपये तक हो सकता है। फिलहाल पूरे प्रदेश में त्योहार को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। - (ईएमएस) 27 मई 2026