- सुसाइड नोट में लिखा “मैं आपकी अच्छी बेटी नहीं बन सकी, आईएम सॉरी” - तीन महीने की उम्र में किया था एडॉप्ट, 11वीं कक्षा की कर रही थी पढ़ाई - चार इमली स्थित सरकारी आवास में दूसरी मंजिल पर कमरे में दुपट्टे से लगाई फांसी भोपाल(ईएमएस)। शहर के हबीबगंज थाना इलाके मे स्थित पॉश इलाके चार इमली में रहने वाले आईपीएस अधिकारी संजीव कंचन की 17 वर्षीय बेटी द्वारा मंगलवार दोपहर फांसी लगाकर खुदकुशी किये जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। थाना पुलिस के अनुसार नाबालिग बच्ची कोलार स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा 11वीं कक्षा की छात्रा थी। परिजनो से मिली सूचना पर पहुचीं पुलिस ने घटनाथल की छानबीन के बाद मर्ग कायम कर शव को बुधवार को पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। संजीव कुमार कंचन पुलिस मुख्यालय में एआइजी के पद पर पदस्थ है, वहीं मृत छात्रा की मां रेणुका कंचन भोपाल गैस राहत अदालत में जज हैं। अफसरो के अनुसार जॉच के दौरान टीम को मृत छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने लिखा, “मम्मी-पापा, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं, लेकिन मैं आपकी अच्छी बेटी नहीं बन सकी। आईएम सॉरी।” हालांकि मिले सुसाइड नोट में आत्महत्या का कारण साफ नहीं है। पुलिस ने सुसाइड नोट सहित छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। - दुपट्टे से बनाया फांसी का फंदा पुलिस के अनुसार छात्रा ने बुधवार दोपहर पिता के चार इमली स्थित सरकारी आवास में दूसरी मजिंल पर स्थित कमरे में दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। घटना के समय घर में कोई परिजन मौजूद नहीं था। उस समय संजीव कुमार कंचन आफिस गए हुए थे, वहीं उनकी पत्नी कोर्ट में थीं, और बड़ा बेटा भी बाहर था। करीब दो बजे घर के नौकर ने सेकंड फ्लोर पर किशोरी को फंदे पर लटका देख तुरंत ही इसकी सूचना परिजनों को दी बाद में पुलिस को खबर दी गई। - तीना महीने की उम्र में किया था एडॉप्ट बताया गया है की आईपीएस संजीव कंचन ने मृतका बेटी उसे विधिवत तरीके उस समय अडॉप्ट किया था, जब वह तीन महीने की थी। जॉच टीम का कहना है कि फिलहाल आत्महत्या के सही कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। आगे की जॉच में परिजनों के डिटेल बयान दर्ज किये जायेगें। वहीं सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम मृतका के दोस्तों और साथ पढ़ने वाले दोस्तो से भी पूछताछ करेगी। जिससे बीते दिनों में उसके व्यवहार में आए किसी भी बदलाव या मानसिक तनाव के बारे में सुराग मिल सके। वहीं छात्रा हाल ही में नई कक्षा में गई थी, ऐसे में पुलिस पढ़ाई के दबाव के एंगल को भी पूरी नजर अदंज नहीं कर रही है। - साबयर सेल खंगाल रही सोशल मीडिया इसके साथ ही साइबर सेल की मदद से छात्रा के सोशल मीडिया अकाउंट्स और हालिया एक्टिविटी को भी ट्रैक किया जा रहा है, ताकि यह समझा जा सके कि घटना से कुछ घंटे पहले वह किन लोगों के संपर्क में थी या क्या वह किसी बात को लेकर परेशान थी। जुनेद / 26 मई