मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र ले नाशिक में कथित ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ मामले की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि अब मुंबई में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मुंबई के नरिमन पॉइंट स्थित एक प्रतिष्ठित निजी बैंक की शाखा में कथित तौर पर ‘बैंक जिहाद’ चलाए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। यह आरोप एक पीड़ित पति ने लगाया है, जिसने दावा किया है कि उसकी पत्नी को सुनियोजित तरीके से धर्म परिवर्तन के लिए प्रभावित किया गया। पीड़ित पति के अनुसार, उसकी पत्नी बैंक में कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। पिछले कुछ महीनों से उसके व्यवहार में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला। पति का आरोप है कि उसकी पत्नी इस्लाम धर्म की परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन करने लगी थी। इतना ही नहीं, उसने अपनी 8 वर्षीय बेटी का भी धर्म परिवर्तन कराने की इच्छा जताई थी। पति का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने परिवार को गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया है और घर का माहौल पूरी तरह बदल गया था। पीड़ित पति ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी का बैंक के ही एक सहकर्मी से संपर्क बढ़ा था। उसी व्यक्ति ने कथित तौर पर उस पर इस्लाम स्वीकार करने का दबाव बनाया। पति ने इसे केवल प्रेम संबंध का मामला मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह एक बड़े नेटवर्क या सिंडिकेट का हिस्सा हो सकता है, जिसका उद्देश्य हिंदू महिलाओं को भावनात्मक, आर्थिक और शारीरिक रूप से अपने जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराना है। मामले में एक और बड़ा आरोप आर्थिक शोषण का लगाया गया है। पति के अनुसार, बैंक के एक अन्य कर्मचारी ने उसकी पत्नी पर दबाव डालकर बैंक से बड़ा कर्ज दिलवाया और उस रकम का बड़ा हिस्सा दूसरे खातों में ट्रांसफर कराया गया। शिकायत में दावा किया गया है कि महिला को योजनाबद्ध तरीके से मानसिक और आर्थिक रूप से कमजोर बनाकर धर्म परिवर्तन की ओर धकेला गया। * उदयपुर से पत्नी और बेटी लापता स्थिति बिगड़ती देख पति अपनी पत्नी और बेटी को राजस्थान के उदयपुर स्थित अपने पैतृक घर ले गया था। लेकिन वहां से भी 18 अप्रैल 2026 की सुबह दोनों अचानक लापता हो गईं। पति को संदेह है कि बैंक का वही कर्मचारी उन्हें अपने साथ ले गया है। इस मामले में उदयपुर के सुखेर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस जांच में जुटी हुई है। * बैंक प्रशासन ने साधी चुप्पी जब इस मामले को लेकर संबंधित बैंक प्रशासन से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कोई आधिकारिक बयान देने से इनकार कर दिया। वहीं पीड़ित पति ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर पत्नी की तत्काल ट्रांसफर उदयपुर या आसपास के क्षेत्र में करने की मांग की है, ताकि उसे कथित प्रभाव से दूर रखा जा सके। * कॉर्पोरेट जगत में बढ़ी चिंता मुंबई में सामने आए इस मामले ने कॉर्पोरेट जगत में महिलाओं की सुरक्षा, कार्यस्थल पर बढ़ते प्रभाव और कथित धर्म परिवर्तन जैसे मुद्दों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। संजय/संतोष झा- २७ मई/२०२६/ईएमएस