राष्ट्रीय
27-May-2026


:: बाबाजी नगर में पुलिस की बड़ी दबिश, वेबसाइट के जरिए संचालित हो रहा था रैकेट, दो करोड़ के सट्टा लेनदेन का खुलासा :: इंदौर (ईएमएस)। पुलिस ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैचों पर ऑनलाइन सट्टा स्वीकार करने वाले एक हाई-प्रोफाइल गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक आईटी प्रोफेशनल और एक बैंक अधिकारी सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से एक ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए सट्टेबाजी के इस काले कारोबार को अंजाम दे रहा था। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेश कुमार त्रिपाठी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम ने बाबाजी नगर इलाके के एक मकान में दबिश देकर इन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुणाल दास (28), राजेंद्र दास (23), रामास्वामी (31), चिन्मय कुमार साहू (24), आनंद प्रधान (22), अविनाश ठाकुर (29), शशांक नेगी (29) और विकास बिस्वाल (21) के रूप में हुई है। बताया गया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से चार ओडिशा के रहने वाले हैं, जबकि अन्य चार मध्य प्रदेश के ही जबलपुर के निवासी हैं। :: मोटी कमाई के लालच में सटोरिए बने आईटी प्रोफेशनल और बैंक अधिकारी, गिरफ्तार :: पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया यह गिरोह आम सटोरियों जैसा नहीं है। डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी अत्यधिक शिक्षित हैं। इनमें प्रतिष्ठित कंपनियों के आईटी प्रोफेशनल्स, बैंक अधिकारी, रेलवे कर्मचारी और ऑनलाइन डिलीवरी/सेवाओं से जुड़े गिग वर्कर्स शामिल हैं, जो मोटी कमाई के लालच में इस अवैध धंधे में उतर गए थे। :: उच्च शिक्षित युवाओं का काला कारोबार, 23 मोबाइल और 3 लैपटॉप जब्त :: छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में संचार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 23 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप और एक एलईडी टीवी जब्त किया है। इसके साथ ही मौके से चार ऐसे रजिस्टर भी मिले हैं, जिनमें दो करोड़ रुपये से अधिक के सट्टा लेनदेन की एंट्रीज दर्ज हैं। :: आईडी-पासवर्ड से चलता था खेल, दुबई से जुड़े तार :: पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया है कि वे एक गुप्त वेबसाइट के माध्यम से इस पूरे रैकेट को ऑपरेट कर रहे थे। सट्टा लगाने वाले ग्राहकों को दांव लगाने के लिए विशेष यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए जाते थे। जीत-हार की रकम का लेन-देने सीधे हाथ में न करके, अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए कलेक्ट किया जाता था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस गिरोह के दुबई कनेक्शन की बात भी सामने आई है। फिलहाल पुलिस आरोपियों के सभी बैंक खातों और उनके ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन को खंगाल रही है। प्रकाश/27 मई 2026