राज्य
27-May-2026


:: श्रम विभाग की अनूठी पहल : हेल्पलाइन नंबर 1800-233-8888 जारी, पोर्टल पर देखें पंजीकृत फैक्ट्रियों की सूची :: इंदौर (ईएमएस)। श्रमिकों को सुरक्षित कार्यदशाएं और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से श्रम विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत आम नागरिक अब श्रम प्रहरी के रूप में आगे आकर अपंजीकृत संस्थानों और निर्माण स्थलों की गोपनीय सूचना विभाग को दे सकते हैं, ताकि श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ लक्षित वर्ग तक सुचारू रूप से पहुँचाया जा सके। नियमानुसार श्रमिकों के हितों के संरक्षण और कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संस्थानों व निर्माण स्थलों का श्रम विभाग में पंजीयन होना अनिवार्य है। पंजीकरण न होने से मजदूर सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए श्रम विभाग ने वर्तमान में संचालित व पंजीकृत निर्माण कार्यों, अति-खतरनाक और अन्य कारखानों की ऑनलाइन सूची अपने आधिकारिक पोर्टल labour.mp.gov.in पर सार्वजनिक कर दी है। आम नागरिक इस पोर्टल पर जाकर पंजीकृत संस्थानों की जांच कर सकते हैं। यदि कोई संस्थान या निर्माण स्थल अपंजीकृत पाया जाता है, तो उसकी सूचना टोल-फ्री श्रमिक हेल्पलाइन नंबर 1800-233-8888 पर दी जा सकती है। प्राप्त प्रामाणिक सूचनाओं के आधार पर विभाग द्वारा संबंधित स्थलों का त्वरित परीक्षण कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। :: पंजीकरण न कराने पर कड़े दंड का प्रावधान :: कारखाना अधिनियम-1948 के तहत ऐसा कोई भी परिसर, जहां 20 या अधिक श्रमिक विद्युत शक्ति के साथ या उसके बिना विनिर्माण कार्य में नियोजित हैं, उसे मुख्य कारखाना निरीक्षक से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसी तरह भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम-1996 के तहत निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उसकी सूचना श्रम विभाग को देना नियोजक का दायित्व है। नियमों का उल्लंघन करने वाले नियोजकों के विरुद्ध कारखानों के मामले में अधिकतम एक लाख रुपये जुर्माना अथवा दो वर्ष तक का कारावास या दोनों सजाओं का प्रावधान है। वहीं, निर्माण स्थलों का पंजीकरण नहीं कराने पर दो हजार रुपये जुर्माना अथवा तीन माह की जेल या दोनों की कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ने सभी नियोजकों को तत्काल पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। प्रकाश/27 मई 2026