यूपी का हवाला देकर उपभोक्ता मंच ने अपील भेजी जबलपुर (ईएमएस)। उत्तरप्रदेश बिजली आयोग ने गत 1 जून को बढ़े हुए फ्यूल सरचार्ज की वसूली पर रोक लगाकर उत्तर प्रदेश बिजली कंपनी से जवाब तलब किया है। इसी तर्ज पर म.प्र. बिजली आयोग भी अपने प्रावधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए मई-जून के फ्यूल सरचार्ज के वसूली पर रोक लगाये। यह अपील नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने म.प्र. विद्युत नियामक आयोग के सचिव को ई-मेल से भेजी है। अपील की प्रतिलिपि सचिव, ऊर्जा मंत्रालय म.प्र. को भेजी। डॉ. पी.जी. नाजपांडे ने बताया की फ्यूल सरचार्ज मार्च में जीरो प्रतिशत था, उसे बढ़ाकर अप्रेल में 5.36 प्रतिशत तथा मई-जून में 3.91 प्रतिशत करा दिया गया है। इस भारी वृद्धि के साथ ही बिजली के रेट में भी 4.8 प्रतिशत में वृद्धि की गई है। यह बढ़े हुए रेट 1 अप्रेल से लागू हो गये है। अब नतीजा यह हुआ है की बिजली उपभोक्ताओं से प्रतिमाह भारी वसूली हो रही है। आर्थिक बोझ के कारण गरीब तथा मध्यम वर्गीय तबका भारी चिंता में पड़ा है। प्रदेश सरकार कदम उठाये........... विद्युत अधिनियम की धारा 108 के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने आयोग को निर्देश जारी किये है, लेकिन दुःख है कि म.प्र. सरकार ने अभी तक चुप्पी साधी है। मंच के रजत भार्गव, एड. वेदप्रकाश अधौलिया, सुशीला कनौजिया, गीता पांडे, डी. आर. लखेरा ने प्रदेश सरकार से अपील की की वह उत्तर प्रदेश सरकार के तर्ज पर कार्य करे। सुनील साहू / मोनिका / 02 जून 2026/ 05.26