राष्ट्रीय
02-Jun-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्र की मोदी सरकार ने भारत में निवासरत विदेशी नागरिकों के लिए इमिग्रेशन और पंजीकरण से संबंधित नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना जारी कर इन नए प्रावधानों को लागू किया है, जिनका उद्देश्य विदेशी नागरिकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल और अधिक सुलभ बनाना है। इन नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव विदेशी नागरिकों के रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा आ गई है। पहले, उन्हें भारत में 180 दिन पूरे होने के बाद 14 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना होता था। अब, विदेशी नागरिक भारत में 180 दिन पूरे होने से पहले किसी भी समय अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेते हैं, जिससे उन्हें पर्याप्त समय और सहूलियत मिलेगी। मोदी सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा के बाद रजिस्ट्रेशन केवल विशेष परिस्थितियों में ही स्वीकार किया जाएगा। एक अन्य महत्वपूर्ण सुविधा ऑनलाइन अपील का प्रावधान है, जिसे पहली बार जोड़ा गया है। यदि कोई व्यक्ति इमिग्रेशन संबंधी किसी आदेश से प्रभावित होता है, तो वह अब आदेश मिलने के 30 दिन के भीतर ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के आयुक्त के पास ऑनलाइन अपील कर सकेगा। आयुक्त को संबंधित पक्ष की सुनवाई के बाद 60 दिन के भीतर मामले का निपटारा करने का प्रयास करना होगा। बच्चों की नागरिकता से जुड़े नियमों में भी संशोधन किए गए हैं। यदि माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक है और वह चाहता है कि बच्चे की भारतीय नागरिकता बनी रहे, तब बच्चे पर विदेशी नागरिकों के रजिस्ट्रेशन संबंधी नियम लागू नहीं होगा। वहीं, यदि भारत में रह रहा कोई बच्चा किसी दूसरे देश की नागरिकता प्राप्त करता है, तब उसके माता-पिता को 30 दिन के भीतर इसकी सूचना रजिस्ट्रेशन अधिकारी को देनी होगी। कुछ विशिष्ट मामलों में यह समय-सीमा 24 घंटे निर्धारित की गई है। ये सभी बदलाव इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 30 के तहत किए गए हैं, जिसे संसद ने मार्च 2025 में पारित किया था। इस व्यापक कानून ने पासपोर्ट एक्ट 1920, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एक्ट 1939, फॉरेनर्स एक्ट 1946 और इमिग्रेशन एक्ट 2000 सहित कई पुराने कानूनों के प्रावधानों को एक ही ढांचे में समेटा है। कानून के तहत, यदि कोई व्यक्ति अवैध तरीके से किसी विदेशी को देश में लाता, ठहराता या बसाता है, तब उस तीन साल तक की जेल या दो से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। भारत में प्रवेश करने वाले हर विदेशी के लिए वैध पासपोर्ट और वीजा अनिवार्य होगा। आशीष दुबे / 02 जून 2026