न्यू मैक्सिको (ईएमएस)। लंबे समय तक वैज्ञानिक मानते रहे कि इंसान लगभग 13 हजार साल पहले साइबेरिया से बेरिंगिया नामक जमीनी पुल पार करके उत्तरी अमेरिका पहुंचे थे और वहीं से क्लोविस संस्कृति की शुरुआत हुई। इसे इंसानों की अमेरिका में मौजूदगी का सबसे पुराना और मजबूत प्रमाण माना जाता था। लेकिन अब न्यू मैक्सिको के व्हाइट सैंड्स नेशनल पार्क में मिले 23 हजार साल पुराने पैरों के निशानों ने इस थ्योरी को पूरी तरह चुनौती दे दी है। व्हाइट सेंडस नेशनल पार्क में मिली एक ऐतिहासिक खोज ने इंसानों के अमेरिका पहुंचने की पूरी कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साल 2019 में पुरातत्वविद जिप्सम के सफेद टीलों के नीचे खुदाई कर रहे थे, तभी उन्हें जमीन में दबे इंसानी पैरों के जीवाश्म मिले। वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये निशान उस दौर के हैं जब पृथ्वी पर आखिरी हिमयुग अपने चरम पर था। उस समय उत्तरी गोलार्ध का बड़ा हिस्सा बर्फ की मोटी चादरों से ढका हुआ था और माना जाता था कि इंसानों के अमेरिका आने के रास्ते बंद थे। शुरुआती अध्ययन 2021 में साइंस जर्नल में प्रकाशित हुआ था। इसमें पैरों के निशानों के आसपास मिली जलीय पौधे रुप्पिया सिरोसा के बीजों की रेडियोकार्बन डेटिंग की गई। नतीजों में इन निशानों की उम्र 21 हजार से 23 हजार साल के बीच बताई गई। यह खोज इतनी बड़ी थी कि वैज्ञानिक समुदाय में तुरंत बहस शुरू हो गई। आलोचकों ने कहा कि जलीय पौधों के बीज डेटिंग के लिए पूरी तरह भरोसेमंद नहीं होते, क्योंकि वे भूजल से पुराने कार्बन को सोख सकते हैं। इससे किसी वस्तु की उम्र असल से ज्यादा पुरानी दिखाई दे सकती है। इस विवाद ने पूरी खोज पर सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद शोधकर्ताओं ने नई तकनीकों के साथ दोबारा जांच की। 2023 में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के वैज्ञानिक जेफ पिगाटी के नेतृत्व में एक और अध्ययन सामने आया। इसमें पराग कणों और क्वार्ट्ज क्रिस्टल की उम्र का पता लगाने के लिए ऑप्टिकली स्टिमुलेटेड ल्यूमिनसेंस और रेडियोकार्बन डेटिंग जैसी अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। इन सभी परीक्षणों में फिर वही परिणाम सामने आए कि ये निशान लगभग 20 हजार से 23 हजार साल पुराने हैं। इस खोज ने दशकों पुरानी “क्लोविस फर्स्ट” थ्योरी को लगभग खत्म कर दिया है। व्हाइट सैंड्स की यह साइट सिर्फ इंसानी पैरों के निशानों तक सीमित नहीं है। यहां मैमथ, विशाल ग्राउंड स्लॉथ और प्राचीन ऊंट जैसे विलुप्त जानवरों के पैरों के निशान भी मिले हैं। इससे हिमयुग के दौरान मौजूद एक जीवंत इकोसिस्टम की तस्वीर सामने आती है। अब यह साफ हो गया है कि इंसान अमेरिका में पहले की सोच से हजारों साल पहले पहुंच चुके थे। सबसे हैरानी की बात यह है कि उस समय अमेरिका पहुंचने के माने जाने वाले दोनों प्रमुख रास्ते बर्फ से ढके हुए थे। इससे वैज्ञानिकों के सामने नया सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर इंसान वहां तक पहुंचे कैसे। सुदामा/ईएमएस 03 जून 2026