अंतर्राष्ट्रीय
03-Jun-2026


मॉस्को (ईएमएस)। रूस के महत्वाकांक्षी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान सुखोई एसयू-75 चेकमेट कार्यक्रम को महत्वपूर्ण गति मिली है। रूसी विमान निर्माण कंपनी यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (यूएसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वादिम बदेखा ने पुष्टि की है कि इस विमान के पहले उड़ान प्रोटोटाइप का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। रूस इस कम लागत वाले लड़ाकू विमान को आने वाले वर्षों में वैश्विक रक्षा बाजार में एक प्रमुख विकल्प के रूप में देख रहा है, जिसका लक्ष्य भारत सहित कई देशों को आकर्षित करना है। एसयू-75 चेकमेट को पहली बार वर्ष 2021 में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया था। शुरुआती योजना 2023 तक इसकी पहली उड़ान और 2026 तक सेवा में शामिल होने की थी। हालांकि, तकनीकी विकास, डिजाइन संशोधनों और अन्य चुनौतियों के कारण परियोजना में देरी हुई है। अब इसकी पहली उड़ान 2027 के आसपास होने की संभावना जाहिर की गई है, जो कि परियोजना में हुई प्रगति को दिखाता है। रूसी अधिकारियों के अनुसार, एसयू-75 चेकमेट को अपेक्षाकृत कम लागत वाले स्टील्थ फाइटर के रूप में विकसित किया गया है। इसमें रूस के एक अन्य पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान सुखोई एसयू-57 की कई उन्नत तकनीकें साझा की गई हैं। इंजन तकनीक, रडार प्रणाली, कंपोजिट सामग्री और हथियार प्रणालियों के कुछ समान तत्वों का उपयोग विकास लागत को कम रखने में मदद करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, एसयू-57 की सबसे बड़ी विशेषता इसका सिंगल-इंजन डिजाइन है, जिससे इसके रखरखाव और संचालन का खर्च अपेक्षाकृत कम होगा। रूस का दावा है कि इसकी अनुमानित कीमत 25 से 30 मिलियन डॉलर के बीच हो सकती है, जो इस पश्चिमी देशों के कई आधुनिक लड़ाकू विमानों की तुलना में काफी सस्ता विकल्प बनाती है। रूस इस विमान को अमेरिकी लॉकहीड मार्टिन एफ-35 लाइटनिंग 2 और चीनी चेंगदू जे-20 जैसे विमानों के विकल्प के रूप में पेश कर रहा है। भारत भी इस परियोजना से जुड़ी चर्चाओं में शामिल रहा है, और रूस ने भारत को तकनीकी सहयोग के साथ-साथ संभावित लोकल उत्पादन का प्रस्ताव दिया है। भारत की सरकारी विमानन कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का रूसी विमानों के निर्माण और असेंबली कार्यक्रमों में भागीदारी का पिछला अनुभव रहा है, जो भविष्य के सहयोग की नींव रख सकता है। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नए लड़ाकू विमान की वास्तविक क्षमता का आकलन उसके गहन परीक्षण, सफल उत्पादन और परिचालन रिकॉर्ड के बाद ही किया जा सकता है। एसयू-75 परियोजना की सफलता अभी भी कई कारकों पर निर्भर करेगी, जिसमें विदेशी ग्राहकों की रुचि, लागत पर नियंत्रण और परीक्षणों में इसका प्रदर्शन प्रमुख हैं। आशीष दुबे / 03 जून 2026