अंतर्राष्ट्रीय
03-Jun-2026


-नेपाल के पूर्व राजदूत आचार्य ने प्रधानमंत्री के दावे का किया कड़ा विरोध काठमांडू,(ईएमएस)। नेपाल के पीएम बालेन शाह के भारतीय जमीन पर अतिक्रमण वाले बयान पर विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है। भारत में नेपाल के पूर्व राजदूत नीलांबर आचार्य ने पीएम शाह के दावे पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे अपरिपक्व और गलत जानकारी पर आधारित बताया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में पीएम बालेन शाह से माफी की मांग की है। बता दें नीलांबर आचार्य ने नेपाल-भारत सीमा मुद्दों पर करीब से काम किया है और नेपाल-भारत प्रबुद्ध व्यक्तियों के समूह के सदस्य के रूप में भी काम किया है। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच ज्यादातर सीमा विवाद करीब 97 से 98 फीसदी आपसी समझ के जरिए पहले ही सुलझा लिए गए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि भारत की तरफ से ऐसा कोई आधिकारिक संचार नहीं हुआ है जिसमें ऐसा कहा गया हो गया हो कि नेपाल ने भारत की जमीन पर अतिक्रमण कर रखा है। ऐसे में पीएम शाह का बयान तथ्यों की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। उन्होंने ऐसे संवेदनशील मामलों में स्पष्टता, जवाबदेही और कूटनीतिक जिम्मेदारी की जरूरत पर जोर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नीलांबर आचार्य ने कहा कि पीएम बालेन शाह ने गलत बात कही है। नेपाल ने न तो किसी भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण किया है और न ही उस पर कब्जा किया है। उनका बयान तथ्यों के विपरीत है। भारत ने कभी यह दावा नहीं किया कि नेपाल ने उसकी जमीन पर अतिक्रमण किया है या उस पर कब्जा किया है और न ही उसने नेपाल से किसी क्षेत्र से पीछे हटने को कहा है। पीएम शाह ने जो कहा वह अनुचित, अस्वीकार्य था और उस पद की गरिमा के अनुरूप नहीं था जिस पर वह आसीन हैं। किसी भी देश के प्रधानमंत्री को संसद में ऐसा बयान नहीं देना चाहिए। कोई भी व्यक्ति संसद में खड़े होकर यह नहीं कह सकता कि उसके देश ने किसी दूसरे देश के क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है। वहीं जब आचार्य से पूछा कि पीएम बालेन शाह ने तमाम विरोधों के बाद भी अपने बयान पर सफाई नहीं दी है तो उन्होंने कहा यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा क्यों हुआ, इसका स्पष्टीकरण उन्हें स्वयं ही देना चाहिए। पीएम शाह को यह साफ करना चाहिए कि उन्होंने गलत बयान क्यों दिया और उनसे यह भूल क्यों हुई। सिर्फ वही और उनकी टीम ही इस मुद्दे का समाधान कर सकते हैं। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी स्पष्टीकरण से भी यह साफ हो जाता है कि प्रधानमंत्री ने कुछ ऐसा कह दिया जो उन्हें नहीं कहना चाहिए था। रिपोर्ट के मुताबिक आचार्य ने कहा कि पीएम शाह को खुद ही इस मामले को सुधारना चाहिए। जब कोई गलती हो जाती है तो उसे स्वीकार करना चाहिए और कहना चाहिए मुझसे गलती हो गई और उसके पीछे के कारणों को साफ करना चाहिए। प्रधानमंत्री को स्वयं ही इस स्थिति को संभालना चाहिए। ऐसी टिप्पणियां उनकी प्रतिष्ठा और देश की गरिमा दोनों को ही क्षति पहुंचाती हैं। इसलिए इस मुद्दे का समाधान जितनी जल्दी हो सके किया जाना चाहिए। सिराज/ईएमएस 03जून26