बाजार जानकारों ने कहा चिंतित होने की जरुरत नहीं मुंबई,(ईएमएस)। भारतीय शेयर बाजार में बीते कुछ दिनों से शानदार प्रदर्शन कर रहे आईटी सेक्टर में अब मुनाफावसूली का दौर शुरू हुआ है। बुधवार को आईटी कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे सेक्टर पर दबाव बढ़ गया। सबसे अधिक असर देश की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज(टीसीएस) के शेयरों पर दिखाई दिया, जिसमें कारोबार के दौरान करीब 8 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि बाजार विशेषज्ञ इस गिरावट को किसी गंभीर संकट का संकेत नहीं मान रहे हैं, बल्कि हालिया तेज उछाल के बाद निवेशकों द्वारा की गई सामान्य मुनाफावसूली का परिणाम बता रहे हैं। टीसीएस के शेयरों में आई तेज गिरावट ने निवेशकों का ध्यान खींचा। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 8.6 प्रतिशत टूटकर 2,236.50 रुपये के आसपास पहुंच गया। इससे एक दिन पहले शेयर में आई तेजी करीब समाप्त हो गई। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आईटी कंपनियों पर दबाव, अमेरिकी बाजार से मिले कमजोर संकेत और हालिया तेजी के बाद निवेशकों की बिकवाली ने शेयरों को प्रभावित किया है। दरअसल, बीते चार कारोबारी सत्रों के दौरान आईटी सेक्टर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जबकि मंगलवार को ही यह सूचकांक 4 प्रतिशत से अधिक उछल गया था। इंफोसिस के शेयरों में 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई थी, जो मई 2025 के बाद उसका सबसे बड़ा एक दिवसीय उछाल माना गया। इसी तरह टीसीएस ने 6 प्रतिशत से अधिक की मजबूती दिखाई थी। तेज बढ़त के बाद कई निवेशकों ने मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली का रास्ता चुना, जिससे शेयरों पर दबाव बढ़ गया। अमेरिकी बाजार से भी आईटी सेक्टर के लिए उत्साहजनक संकेत नहीं मिले। अमेरिका में सूचीबद्ध इंफोसिस और विप्रो के एडीआर में गिरावट दर्ज की गई। इंफोसिस का एडीआर करीब 2.5 प्रतिशत फिसला, जबकि विप्रो के एडीआर में 8 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी देखी गई। हाल के सप्ताहों में इन शेयरों में 10 से 25 प्रतिशत तक की तेजी आ चुकी थी, जिसके बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू कर दी। आशीष दुबे / 03 जून 2026