राज्य
03-Jun-2026
...


:: विद्याधाम परिसर में आद्य गौड़ ब्राह्मण सेवा न्यास के मातृशक्ति प्रकोष्ठ की मेजबानी में सौल्लास मना राम जन्मोत्सव :: इंदौर (ईएमएस)। प्रभु राम धर्म की शाश्वत प्रतिमूर्ति हैं। उनका संपूर्ण जीवन चरित्र इतना निष्कलंक रहा है कि वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। उन्होंने कभी ऐसा आचरण नहीं किया जिससे भारत भूमि की मर्यादा का हनन हो। राम नाम की महिमा इतनी है कि केवल जिह्वा पर नाम आने या मानसिक स्मरण मात्र से धर्माचरण पूरा हो जाता है। तभी राम से बड़ा राम का नाम माना गया है। रामकथा भारत का ऐसा पावन दस्तावेज है, जिसकी सत्यता पर कोई संदेह नहीं हो सकता। राम-कृष्ण जैसे अवतारों के कारण ही आज विश्व में सनातन संस्कृति की ध्वजा फहरा रही है। ये प्रेरक विचार आचार्य पं. राहुल कृष्ण शास्त्री के हैं, जो उन्होंने बुधवार को विमानतल मार्ग स्थित विद्याधाम पर आद्य गौड़ ब्राह्मण सेवा न्यास के मातृशक्ति प्रकोष्ठ की मेजबानी में जारी रामकथा में राम जन्म प्रसंग की व्याख्या करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भगवान का जन्म नहीं, अवतरण होता है। राम-कृष्ण के बिना हमारी संस्कृति अधूरी है। जिस देश में कंकर भी शंकर बन सकता है, वहाँ के संस्कारों पर आंच नहीं आ सकती। भगवान भाव के भूखे होते हैं, भोग और प्रभाव के नहीं। कथा में बुधवार को राम जन्म का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। जैसे ही राम जन्म की उद्घोषणा हुई, समूचा स्थल प्रभु राम और जय-जय सियाराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते हुए आनंद लिया। इससे पूर्व न्यास अध्यक्ष पं. दिनेश शर्मा, ह्रदयेश दीक्षित, देवी प्रसाद शर्मा, डॉ. लोकेश जोशी, महेश, हेमंत व राजकिशोर शर्मा ने व्यासपीठ का पूजन किया। विद्याधाम परिवार के सुरेश शाहरा, राजेंद्र महाजन सहित ब्राह्मण संगठनों के पदाधिकारियों ने रामचरितमानस का पूजन किया। :: आज का कार्यक्रम :: प्रकोष्ठ की भारती शर्मा व पिंकी शर्मा ने बताया कि विद्याधाम में यह आयोजन 7 जून तक प्रतिदिन दोपहर 3.30 से सायं 7.30 बजे तक चलेगा। चारों धामों में अनुष्ठान कर चुके भागवताचार्य पं. राहुल कृष्ण शास्त्री के मुखारविंद से आज प्रभु राम की बाल लीलाओं के दिव्य प्रसंगों की रसवर्षा होगी। प्रकाश/03 जून 2026