:: इंदौर में सीवरेज जल के पुनः उपयोग पर उच्च स्तरीय कार्यशाला, सिंगापुर और सूरत के मॉडल्स पर मंथन :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर नगर निगम द्वारा आयुक्त क्षितिज सिंघल की उपस्थिति में सीवरेज जल प्रबंधन, उपचारित जल के पुनः उपयोग और आधुनिक शोधन तकनीकों पर एक दिवसीय तकनीकी कार्यशाला आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय कार्यशाला में विषय-विशेषज्ञों ने गिरते भूजल स्तर पर चिंता जताते हुए जल संरक्षण और शोधित (ट्रीटेड) पानी के अधिकतम उपयोग पर विस्तृत चर्चा की। कार्यशाला में सीवरेज ट्रीटमेंट की उन्नत तकनीकों जैसे एमबीआर, एमबीबीआर, टर्शियरी ट्रीटमेंट, डिस्क फिल्टर, एडवांस्ड ऑक्सीडेशन प्रोसेस (एओपी) और कंस्ट्रक्टेड वेटलैंड पर विशेषज्ञों ने प्रस्तुतीकरण दिए। विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिया कि शहर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) से प्राप्त होने वाले उपचारित जल को चरणबद्ध रूप से टर्शियरी ट्रीटमेंट से जोड़ा जाए। इस पानी का उपयोग उद्योगों, निर्माण कार्यों, उद्यानों और अन्य गैर-पेयजल आवश्यकताओं में किया जाना चाहिए। विशेषज्ञों ने निर्माण कार्यों में भूजल के उपयोग पर कड़ा नियंत्रण लगाने तथा उपचारित जल को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही नई टाउनशिप और बड़ी आवासीय परियोजनाओं में ड्यूल पाइपिंग सिस्टम लागू करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि गैर-पेयजल कार्यों के लिए उपचारित जल की अलग से आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। कार्यशाला में इंदौर के भविष्य को देखते हुए सिंगापुर, हैदराबाद, सूरत और चेन्नई के सफल जल पुनः उपयोग मॉडल्स पर भी गहन मंथन किया गया। प्रकाश/03 जून 2026