एनवीडिया की नई आरटीएक्स स्पार्क चिप करेगी कमाल ताइपे(ईएमएस)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है और अब यह तकनीक केवल इंटरनेट या बड़े क्लाउड सर्वरों तक ही सीमित नहीं रहने वाली है। दिग्गज तकनीकी कंपनी एनवीडिया ने एक ऐसी क्रांतिकारी एआई चिप तकनीक पेश की है, जिसके जरिए भविष्य के लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर खुद किसी एआई आधारित सुपरकंप्यूटर की तरह काम करने में सक्षम हो सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से व्यक्तिगत कंप्यूटिंग (पर्सनल कंप्यूटिंग) का पूरा अनुभव हमेशा के लिए बदल सकता है। कंपनी ने अपनी इस नई चिप तकनीक को ‘आरटीएक्स स्पार्क’नाम दिया है। यह अत्याधुनिक तकनीक ऐसे एआई एजेंट्स को सक्षम बनाएगी जो केवल आपके सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उपयोगकर्ता से महज एक निर्देश मिलने पर कई जटिल कार्य अपने आप पूरा कर सकेंगे। वर्तमान समय में अधिकांश लोकप्रिय एआई सेवाएं क्लाउड आधारित हैं और उन्हें सुचारू रूप से काम करने के लिए लगातार तेज इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होती है, लेकिन आरटीएक्स स्पार्क तकनीक के आने के बाद कई बड़े और भारी कार्य सीधे आपके पर्सनल कंप्यूटर पर ही स्थानीय स्तर पर किए जा सकेंगे। तकनीकी जानकारों के अनुसार, इस बड़े बदलाव का सबसे सीधा और बड़ा फायदा आम कंप्यूटर उपयोगकर्ताओं को मिलने वाला है। इस नई तकनीक से लैस कंप्यूटर आपकी आवाज को बेहद सटीकता से पहचानने, आपके लिए ई-मेल तैयार करने, भारी-भरकम दस्तावेजों और फाइलों का विश्लेषण करने, मीटिंग शेड्यूल करने, शोध कार्यों में सहायता देने और अन्य कई रोजमर्रा के डिजिटल काम स्वतः पूरा करने में पूरी तरह सक्षम होंगे। इससे न केवल लोगों के समय की बड़ी बचत होगी बल्कि कार्यक्षमता और उत्पादकता में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इस नई ऑन-डिवाइस तकनीक का एक सबसे महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहलू डेटा सुरक्षा और गोपनीयता (प्राइवेसी) भी है। अभी अधिकांश एआई सेवाओं में जानकारी को प्रोसेस करने के लिए इंटरनेट के माध्यम से बाहरी सर्वरों तक भेजा जाता है, जिससे डेटा लीक का खतरा बना रहता है। लेकिन जब एआई सीधे डिवाइस के भीतर रहकर काम करेगा, तब बड़ी मात्रा में डेटा को कंप्यूटर से बाहर भेजने की आवश्यकता खत्म हो जाएगी। इससे संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा पहले से कहीं बेहतर होने की संभावना है। इंटरनेट न होने की स्थिति में भी कई एआई सुविधाएं बिना किसी रुकावट के उपलब्ध रह सकेंगी। यह तकनीक इस वर्ष के अंत तक बाजार में आ सकती है। वीरेंद्र/ईएमएस 04 जून 2026