मेक्सिको सिटी (ईएमएस)। मेक्सिको का टेनान्सिंगो शहर, जिसे सेक्स स्लेवरी कैपिटल के नाम से जाना जाता है, छोटी बच्चियों के लिए नरक का दूसरा नाम बन गया है। यहाँ प्यार का झूठा झांसा देकर मासूम लड़कियों को जबरन देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया जाता है। यहां दलाल परिवारों की गरीबी और सामाजिक उपेक्षा का फायदा उठाकर बच्चियों का सौदा करते हैं। इस घिनौने दलदल से निकलकर एक बहादुर महिला, सोफिया (बदला हुआ नाम), ने अपनी दर्दनाक कहानी साझा की है। मात्र 14 साल की उम्र में गरीबी और पारिवारिक उपेक्षा से जूझ रही सोफिया, एक 17 वर्षीय लड़के जोसे के प्यार के झूठे जाल में फंस गई। जोसे ने उसे एक बेहतर जीवन, बड़ा घर और अमेरिका ले जाने जैसे सुनहरे सपने दिखाए। लेकिन जोसे वास्तव में एक प्रशिक्षित दलाल था, जिसका काम ही लड़कियों को फंसाना था। वह सोफिया को मेक्सिको सिटी से टेनान्सिंगो ले आया, जहाँ उसकी जिंदगी नरक बन गई और उसे बेच दिया गया। बेचे जाने के बाद सोफिया को बताया गया कि अब उसे काम करना होगा। उसे रोजाना 20 घंटे तक कई पुरुषों द्वारा दुष्कर्म का शिकार होना पड़ता था। टेनान्सिंगो में लड़कियों की खरीद-फरोख्त खुलेआम चलती है। यहाँ के दलाल छोटे लड़कों को लड़कियों को फंसाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित करते हैं। वे इन लड़कियों को महंगे तोहफे, प्यार और एक उज्ज्वल भविष्य का लालच देते हैं। एक बार जब लड़की उनके जाल में फंस जाती है, तो उसे दूसरे शहर या यहाँ तक कि दूसरे देश में बेच दिया जाता है। सोफिया को बाद में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर (क्वीन्स) ले जाया गया। वहाँ भी जोसे ने उसे धमकाया कि चूंकि उसके पास कोई वैध कागजात नहीं हैं, इसलिए उसे उसके लिए कुछ भी करना होगा। सोफिया ने कई बार भागने की कोशिश की, लेकिन हर बार पकड़े जाने पर उसे क्रूर यातनाएँ दी गईं। एक बार तो जोसे ने सबक सिखाने के लिए उसका जबड़ा तोड़ दिया था। जो लड़कियां गर्भवती हो जाती हैं या उम्रदराज हो जाती हैं, उन्हें अक्सर गायब कर दिया जाता है, और कई मामलों में तो उन्हें मार भी दिया जाता है। यह घिनौना कारोबार मेक्सिको में गरीबी, भ्रष्टाचार और कमजोर कानून व्यवस्था का फायदा उठाता है। एक लड़की से रोजाना सैकड़ों डॉलर कमाए जाते हैं, जिससे यह एक बेहद लाभदायक और संगठित अपराध बन चुका है। सोफिया ने कई बार पुलिस और मददगार संगठनों से संपर्क करने की कोशिश की। आखिरकार, वह इस नरक से निकलने में सफल रही। टेनान्सिंगो के कई परिवार पीढ़ियों से इस धंधे में लिप्त हैं। दलाल 10-11 साल की बच्चियों को निशाना बनाते हैं, पहले उनका विश्वास जीतते हैं, और फिर उन्हें जबरन देह व्यापार में धकेल देते हैं। सुदामा/ईएमएस 04 जून 2026