शिवपुरी ( ईएमएस ) | जनपद पंचायत कोलारस के ग्राम गोरा टीला में आयोजित रात्रि चौपाल प्रशासन और जनता के बीच बढ़ते समन्वय का एक जीवंत माध्यम बनी। शासन की योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने और ग्रामीणों की समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझने के उद्देश्य से आयोजित इस चौपाल में संभागायुक्त मनोज खत्री और कलेक्टर अर्पित वर्मा ने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल शिकायतों को सुना, बल्कि उन्हें त्वरित गति से हल करने के लिए प्रतिबद्धता भी दिखाई, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और गहरा हुआ है।इस दौरान आवास, शिक्षा, पेंशन, पेयजल, बिजली, खाद्यान्न, मध्यान भोजन, आंगनवाड़ी सेवाओं, गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली राशि के साथ-साथ राजस्व एवं खाद वितरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और कई समस्याओं का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया। शेष लंबित मामलों के लिए समय-सीमा तय कर ग्रामीणों को शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया गया। बच्चों के भविष्य को लेकर संवेदनशील प्रशासनरात्रि चौपाल के दौरान संभाग आयुक्त श्री मनोज खत्री और कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने छात्र संजीव गुर्जर और छात्रा अंकेश गुर्जर से उनकी पढ़ाई व भविष्य को लेकर चर्चा की, उन्हें शिक्षा का महत्व समझाते हुए प्रेरित किया और माला पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया।रात्रि चौपाल में संभागायुक्त ने दिए निर्देश: दिव्यांगों को गांव में ही मिले पेंशन और प्रमाण-पत्ररात्रि चौपाल में संभागायुक्त ने सख्त निर्देश दिए है कि ग्राम पंचायत स्तर पर दिव्यांगजनों के लिए विशेष कैंप लगाए। स्वास्थ्य व सामाजिक न्याय विभाग को शिविर लगाकर मौके पर ही UDID प्रमाण-पत्र जारी करने और पेंशन प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्णय से दिव्यांगजनों को कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।कलेक्टर ने दिए फौती नामांतरण विशेष कैंप लगाने और अतिक्रमण हटाने के निर्देशरात्रि चौपाल में ग्रामीणों द्वारा रखी गई नामांतरण संबंधी शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कलेक्टर श्री वर्मा ने राजस्व विभाग को फौती नामांतरण विशेष कैंप आयोजित कर लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पशुओं के जल स्रोतों और चरनोई भूमि से अतिक्रमण हटाकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है।पेयजल व्यवस्था: प्रशासन की प्राथमिकतालोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल निगम को गांव-गांव जाकर पेयजल योजनाओं की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जनजातीय बस्तियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप लाइन बिछाकर प्राथमिकता के आधार पर हर घर तक नल से जल पहुँचाना सुनिश्चित करने और ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने को कहा गया।खाद की कालाबाजारी पर कलेक्टर सख्त, एफआईआर के दिए निर्देशखाद की कालाबाजारी पर कलेक्टर श्री वर्मा सख्त हैं। ग्रामीणों द्वारा खाद मिलने में हो रही कठिनाइयों की शिकायत पर कलेक्टर श्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों से कालाबाजारी करने वालों की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की और कोलारस एसडीम को ऐसे लोगों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।साथ ही, कृषि विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे गांवों में जाकर किसानों को बलराम ऐप के माध्यम से ई-टोकन बुक करने और अन्य डिजिटल साधनों का प्रशिक्षण दें, ताकि ग्रामीणों को खाद प्राप्त करने में कोई असुविधा न हो।बिजली समस्याओं पर संभाग आयुक्त और कलेक्टर के सख्त निर्देशजनजातीय महिलाओं की शिकायतों पर विद्युत विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बस्ती में डोर-टू-डोर जाकर बिजली बिलों का समाधान कर कनेक्शन बहाल करें, खराब ट्रांसफार्मर और लटके तारों को तत्काल ठीक करें। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिया कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए ताकि ग्रामीण सुरक्षित और सुचारू बिजली सेवा का लाभ उठा सकें।