राज्य
08-Jun-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। बुधवार सुबह हौज रानी के बेड-एंड-ब्रेकफास्ट में लगी भीषण आग में 21 लोगों की जान चली गई। लेकिन फायर फाइटरों के लिए आग बुझाने से पहले सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक थी। जैसे ही फायर टेंडर स्टेशन से निकले, रश ऑवर का जाम उनके रास्ते में खड़ा हो गया। ट्रैफिक सिग्नल पर गाड़ियों की भारी भीड़, कई मोड़ों पर लगे जाम और कुछ ड्राइवरों की लापरवाही ने उन्हें हर कदम पर रोका। कुछ लोग रास्ता देने को तैयार ही नहीं थे, तो कुछ इतने फंस चुके थे कि हिल भी नहीं पा रहे थे। घटना स्थल के करीब पहुंचते ही एक और समस्या सामने आई। बेड-एंड-ब्रेकफास्ट को घेरने वाली संकरी गलियां बेतरतीब पार्क की गई कारों से पूरी तरह भरी हुई थीं। आग देखने के लिए लोग भीड़ लगाकर अपनी गाड़ियां पार्क कर रहे थे। ऊपर बिजली के लटकते तारों का जाल टेंडर को अंदर जाने नहीं दे रहा था। आखिरकार स्थानीय लोगों ने मदद करके फायर इंजन को जगह दिलवाई। भिखाजी कामा प्लेस फायर स्टेशन के ड्राइवर सुरेंदर सिंह (47) और कमल डागर (36) के लिए वह सुबह बेहद अलग थी। एक 24 घंटे की थकान भरी ड्यूटी खत्म कर घर जा रहा था, दूसरा अभी अपनी ड्यूटी शुरू ही कर रहा था। कुछ ही मिनटों में दोनों एक ऐसी त्रासदी की ओर दौड़ रहे थे, जिसमें 21 लोग अपनी जान गंवा बैठे। सुरेंदर सिंह ने बताया मैं 24 घंटे की ड्यूटी खत्म करके घर जाने की तैयारी कर रहा था कि अचानक अलार्म बज उठा। मैंने तुरंत फायर गियर पहना और टेंडर की ड्राइविंग सीट पर बैठ गया। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/08/जून/2026