पटना, (ईएमएस)। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सोमवार को शिक्षा विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि संस्कृत शिक्षा बोर्ड और मदरसा बोर्ड में नियुक्तियों से जुड़े मामलों की जांच पूरी होने तक नई नियुक्तियों पर रोक रहेगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान बिहार राज्य शैक्षिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BSEIDC) के तहत संचालित निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। मंत्री ने विद्यालय भवनों और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण, प्रभावी निगरानी तथा निर्धारित मानकों के पालन पर विशेष जोर दिया। मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और किसी भी अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही केंद्रीकृत रसोईघरों (सेंट्रलाइज्ड किचन) का समयबद्ध निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में हमारा विद्यालय- हमारा स्वाभिमान अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। मंत्री ने पूर्ववर्ती छात्रों (एलुमनाई) से अपने विद्यालयों के विकास, संसाधन उपलब्ध कराने, मार्गदर्शन देने और अन्य रचनात्मक सहयोग के माध्यम से सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। इसके अलावा बिहार बोर्ड ऑनलाइन स्कूल ऑफ एजुकेशन (BBOSE) को अधिक लोकप्रिय बनाने और इसकी सुविधाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि यह मंच विद्यालयी शिक्षा से वंचित, ड्रॉपआउट तथा वैकल्पिक शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी है। शिक्षा मंत्री तिवारी ने कहा कि विभाग शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, आधारभूत संरचना के विकास, विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा, तकनीक आधारित शिक्षा के विस्तार और समाज की सक्रिय भागीदारी को केंद्र में रखकर लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। संतोष झा- ०८ जून/२०२६/ईएमएस