:: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया वर्चुअल शुभारंभ; 2 हजार करोड़ के निवेश से मिलेगा एक हजार युवाओं को रोजगार :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश ने एक और लंबी छलांग लगाई है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीथमपुर के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में स्थापित होने जा रही हेलियन ग्रुप की पहली भारतीय मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमि-पूजन किया। दो हजार करोड़ रुपये के इस भारी-भरकम निवेश से न केवल प्रदेश में फार्मा क्षेत्र का विस्तार होगा, बल्कि एक हजार युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। :: निवेशकों के लिए सबसे मुफीद राज्य है म.प्र. :: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह नए दौर का आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में यूके में आयोजित इन्वेस्ट इन एमपी रोड शो के दौरान बोया गया निवेश का बीज आज पीथमपुर में अपना वास्तविक स्वरूप ले रहा है। उन्होंने हेलियन ग्रुप को बधाई देते हुए आश्वस्त किया कि इकाई स्थापना से लेकर उत्पादन शुरू होने तक सरकार हर कदम पर सहयोग के लिए साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कंपनी के 30 प्रतिशत महिलाओं को रोजगार देने के लक्ष्य की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया। :: 40 एकड़ में फैलेगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्लांट :: हेलियन इंडिया के अध्यक्ष (भारतीय उपमहाद्वीप) केदार लेले ने बताया कि पीथमपुर में बन रही यह नई यूनिट महज एक निवेश नहीं, बल्कि पिछले 18 महीनों की मेहनत और सरकार के साथ बेहतरीन समन्वय का परिणाम है। 40 एकड़ में स्थापित होने वाली यह अत्याधुनिक इकाई कंपनी की ग्लोबल सप्लाई चेन में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह कंपनी का दक्षिण एशिया में अब तक का सबसे बड़ा प्लांट है। :: वैश्विक निर्यात का केंद्र बनेगा पीथमपुर :: हेलियन ग्रुप के सीईओ ब्रायन मैकनामारा ने कहा कि भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और मध्यप्रदेश इस विकास का सबसे तेज इंजन है। उन्होंने बताया कि फिलहाल कंपनी 175 मिलियन पाउंड्स (करीब 2 हजार करोड़) का निवेश कर रही है और भविष्य में इस लॉजिस्टिक हब में विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। :: हेलियन यूनिट की प्रमुख विशेषताएं :: उत्पादन : यह इकाई मुख्य रूप से ओरल हेल्थ, डाइजेस्टिव हेल्थ, पेन रिलीफ और विटामिन्स सप्लीमेंट्स के निर्माण पर केंद्रित होगी। बाजार : यहां निर्मित उत्पाद न केवल भारत की मांग पूरी करेंगे, बल्कि एशिया-प्रशांत, मध्य-पूर्व और अफ्रीका के देशों में निर्यात किए जाएंगे। इकोसिस्टम : इस परियोजना से स्थानीय एमएसएमई, सप्लायर नेटवर्क, परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भी नई औद्योगिक क्रांति आएगी। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह, एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला सहित ब्रिटिश उप उच्चायुक्त हरजिंदर कांग और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अंत में, एमपीआईडीसी इंदौर के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति ने परियोजना को समयबद्ध पूरा करने का भरोसा दिलाया। प्रकाश/08 जून 2026