:: राज्य निर्वाचन आयुक्त ने दिए निर्देश, 18 जुलाई को होगा अंतिम प्रकाशन; दावे-आपत्तियों के लिए 15 जून तक का समय :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। नगरीय निकायों एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों के आगामी चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने की कवायद शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदान सबसे पवित्र अधिकार है, अतः यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता अपना नाम जुड़वाने से वंचित न रहे। साथ ही, उन्होंने यह भी ताकीद की कि किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में न जुड़ने पाए। राज्य निर्वाचन आयोग में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त श्रीवास्तव ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर मैदानी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। :: भौतिक सत्यापन के बाद ही काटें नाम :: आयुक्त ने जोर देकर कहा कि मतदाता सूची से नाम काटने के पूर्व पूरी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है। अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया जाए। इसके बाद ही नाम हटाने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रत्येक जिले में स्टेंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित कर स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को इस प्रक्रिया से अवगत कराने के निर्देश दिए ताकि किसी को भी कोई संदेह न रहे। आयोग के सचिव दीपक सिंह ने जानकारी दी कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए प्रारूप प्रकाशित कर दिया गया है। इस पर दावे और आपत्तियाँ 15 जून तक ली जाएंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निराकरण 25 जून तक किया जाएगा और अंततः फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 18 जुलाई 2026 को किया जाएगा। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस पूरी प्रक्रिया की डेसबोर्ड के माध्यम से ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाए और सुपरवाइजर नियुक्त कर कार्यों का पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया जाए ताकि जन-प्रतिनिधित्व अधिनियम की गरिमा बनी रहे। बैठक में आयोग के वरिष्ठ अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी मौजूद रहे। प्रकाश/08 जून 2026