राज्य
08-Jun-2026
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:: मारवाड़ी माहेश्वरी प्रगति मंडल के आयोजन में गूंजे शिव-पार्वती विवाह के जयकारे; गीता भवन में 13 जून तक होगी कथामृत की वर्षा :: इंदौर (ईएमएस)। वृंदावन के जगदगुरु गोपेश्वर चैतन्य महाराज ने सोमवार को मनोरमागंज स्थित गीता भवन में मारवाड़ी माहेश्वरी प्रगति मंडल के तत्वावधान में आयोजित भागवत ज्ञान यज्ञ में कहा कि कलियुग में भागवत कथा भक्ति का सबसे सहज और सरल माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म वही है जिससे भगवान की भक्ति प्राप्त हो और भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को श्रेष्ठ अलंकरणों रूपी संस्कारों से सजाने और संवारने का खजाना है। कथा के दौरान शिव-पार्वती विवाह, शुकदेव एवं परीक्षित जन्म तथा सती चरित्र प्रसंगों की व्याख्या करते हुए महाराज ने कहा कि हम जैसा बोएंगे, वैसा ही फल मिलेगा। उन्होंने श्रद्धालुओं को सचेत करते हुए कहा कि सूर्य, चंद्रमा, तारे और नक्षत्र हमारे कर्मों पर निरंतर निगरानी रखते हैं, इसलिए भक्ति में छल के बजाय पवित्रता और श्रेष्ठता का भाव रखना आवश्यक है। महाराज ने जोर दिया कि कथा श्रवण तभी सार्थक है, जब हम अपने दैनिक कर्मों में थोड़ा सुधार ला सकें, क्योंकि इनके बिना भक्ति का सृजन संभव नहीं है। कथा के दौरान शिव-पार्वती विवाह का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। कथा के शुभारंभ से पूर्व मंडल अध्यक्ष रामकिशोर राठी, बजरंगलाल मालानी, कपिल लाहोटी, मनोज धूत, गौरीशंकर लोहिया, श्रीकांत गिलडा, गिरिराज बंग, रामवल्लभ भूतड़ा, रामप्रसाद चांडक, श्याम सुंदर कोठारी और रामदेव बलदेवा ने सपत्नीक व्यास पीठ का पूजन किया। यजमान समूह के रामविलास राठी, राधेश्याम मालानी, रामप्रसाद जखेटिया, रामअवतार पलोड़, सुरेश नुहाल और सुनील मूंदड़ा ने विद्वान वक्ता की अगवानी की। :: कथा के आगामी कार्यक्रम :: मंडल अध्यक्ष रामकिशोर राठी ने बताया कि गीता भवन में 13 जून तक प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक भागवत कथामृत की वर्षा होगी। आगामी प्रसंगों में 9 जून को ध्रुव चरित्र, प्रहलाद चरित्र एवं वामन अवतार, 10 जून को श्रीराम एवं कृष्ण जन्म, 11 जून को बाल लीला, गोवर्धन पूजा एवं 56 भोग, 12 जून को महारास एवं रुक्मणी विवाह और 13 जून को सुदामा चरित्र एवं व्यास पूजा के कार्यक्रम होंगे। कथा का समापन रविवार 14 जून को सुबह 9 बजे पूर्णाहुति, यज्ञ एवं पूजन के साथ होगा। प्रकाश/08 जून 2026