:: इंदौर जिले में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के लिए नई व्यवस्था; निजी सोनोग्राफी सेंटरों की सेवाएं भी जुड़ीं :: इंदौर (ईएमएस)। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के एक दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में इंदौर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और अधिक विस्तृत हो गया है। इस अभियान के दस साल पूर्ण होने पर अब स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सेवाओं को सीधे ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचा दिया है। इसके तहत अब पहली बार सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की जा सकेगी। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक माह की 9 तारीख को शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में और 25 तारीख को ई-पीएमएसएमए (e-PMSMA) के माध्यम से विशेष जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं। :: निजी क्षेत्र का साथ, निःशुल्क जांच की सौगात :: इस बार की विशेष पहल में जिले के निजी सोनोग्राफी केंद्रों को भी शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ जोड़ा गया है। इससे गर्भवती महिलाओं को अब निजी सेंटरों पर भी निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा मिल सकेगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को गुणवत्तापूर्ण जांच उपलब्ध कराना है, ताकि समय रहते उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की पहचान कर उन्हें उपचार दिया जा सके। चिन्हित महिलाओं का अनमोल पोर्टल के माध्यम से नियमित फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जा रहा है। :: स्वास्थ्य मानकों पर विशेष निगरानी :: पीएमएसएमए दिवस पर गर्भवती महिलाओं के वजन, ऊंचाई, बीएमआई, रक्तचाप और मेडिकल हिस्ट्री की संपूर्ण जांच की जाती है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में 57,497 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें से 16,798 महिलाएं उच्च जोखिम वाली श्रेणी में मिलीं। वहीं, वर्ष 2026-27 में मई माह तक 8,147 महिलाओं की जांच की जा चुकी है, जिनमें 2,133 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं चिन्हित की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिले की सभी पात्र गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वे इस अभियान का लाभ उठाएं और नियमित जांच कराकर स्वयं एवं अपने होने वाले बच्चे के सुरक्षित स्वास्थ्य को सुनिश्चित करें। प्रकाश/08 जून 2026