-शशि थरुर तीन भारतीय नाविकों की मौत पर अमेरिका के बयान पर भड़के नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत और अमेरिका के रिश्ते अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी मिसाइल हमले में तीन भारतीयों की मौत हो गई है। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने डिमार्श जारी कर अमेरिका के सामने विरोध दर्ज करवाया, लेकिन अब विदेश मंत्री जयशंकर और उनके अमेरिकी समकक्ष की लेकर वाशिंगटन से जो बयान जारी किया है उसने दिल्ली में सभी के कान खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी अमेरिका के इस बयान को असंवेदनशील बताया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक्स पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के बयान को रिपोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता थरूर ने अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने लिखा- अमेरिका का यह आधिकारिक बयान पढ़कर गहरा झटका लगा है। इसमें निर्दोष भारतीयों की मौत पर बिलकुल भी खेद या संवेदना व्यक्त नहीं की गई है। कोई मित्र या रणनीतिक साझेदार इतना असंवेदनशीन कैसे हो सकता है? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अमेरिकी नेवी के पास जहाज को रोकने के लिए कोई और तरीका नहीं था? क्या जहाज पर मिसाइल से हमला करना जरूरी था? उन्होंने लिखा- होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी नेवी की नाकेबंदी को न मानने वाले व्यापारिक जहाज को गैर घातक हथियार से नहीं रोका जा सकता था? क्या किसी जहाज को मिसाइल मारे बिना रोकना संभव नहीं है? देखा जाए तो उस क्षेत्र में तैर रहे हर व्यापारिक जहाज पर भारतीय क्रू मेंबर मौजूद हैं। तो क्या उन पर हमला करना अमेरिका के लिए सही है। मुझे उम्मीद है यही सवाल जयशंकर ने भी रुबियो के सामने उठाए होंगे। थरूर के अलावा कई बड़े नेताओं और पूर्व राजनयिकों ने भी अमेरिकी की तरफ से इस तरह के रवैये पर सवाल उठाए हैं। होर्मुज स्ट्रेट के पास पलाउ के झंडे वाले जहाज पर हुए हमले और उसमें तीन भारतीयों की मौत के बाद दोनों देशों के रिश्ते तल्ख हो गए थे। इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजनयिक को डिमार्श जारी करके तलब किया और विरोध दर्ज करवाया। इसके बाद विदेश मंत्री जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच फोन पर बात हुई। भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से इस बातचीत को लेकर कहा गया कि सरकार ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज करवाया है। वहीं, जब अमेरिकी विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया, तो उसमें संवेदना का कोई नामोनिशान नहीं था। वाशिंगटन ने स्पष्ट रूप से कहा कि होर्मुज में मौजूद उसकी नाकेबंदी का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में दावा किया कि ईरान ने भारतीय जहाजों पर ड्रोन से हमला करने की कोशिश की थी। इसे अमेरिकी नेवी ने नाकाम कर दिया है। हालांकि, न तो भारत ने और न ही ईरान ने ऐसी किसी घटना का जिक्र किया है। सिराज/ईएमएस 14जून26