- 89 हितग्राहियों के बने आयुष्मान कार्ड - स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ रहे पुनर्वासित युवा अम्बिकापुर (ईएमएस)।केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं किस तरह अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में उजाला ला रही हैं, इसकी एक सुखद तस्वीर अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत आमादरहा में देखने को मिली है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने मोटू राम और उनके परिवार को कच्चे और टपकते घर की सालों पुरानी पीड़ा से मुक्ति दिलाकर एक सुरक्षित और पक्के आशियाने का उपहार दिया है। ग्राम पंचायत आमादरहा के रहने वाले मोटू राम पहाड़ी कोरवा एक बेहद सामान्य और मेहनतकश व्यक्ति हैं। उनके परिवार में दो बच्चे हैं, जिनका भरण-पोषण वे खेती-बाड़ी और एक छोटी सी किराना दुकान चलाकर करते हैं। सीमित आय के कारण उनका परिवार लंबे समय से एक कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। मोटू राम बताते हैं कि उनके पुराने कच्चे घर की छत बारिश के दिनों में टपकती थी, जिससे पूरे परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। हर साल घर को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें लिपाई-पुताई और मरम्मत में अपनी गाढ़ी कमाई का एक हिस्सा और समय खर्च करना पड़ता था। पक्का मकान बनाना उनके लिए एक ऐसा सपना था, जो उनकी आर्थिक स्थिति के कारण नामुमकिन सा लगता था। ऐसे समय में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना उनके लिए वरदान बनकर आई। योजना के तहत मोटू राम पहाड़ी कोरवा को पक्का आवास स्वीकृत हुआ। आज उनका पक्का घर लगभग बनकर तैयार है। घर का अधिकांश काम पूरा हो चुका है और वह अपने परिवार के साथ इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए बेहद उत्साहित हैं। मोटू राम ने बताया कि घर के निर्माण का काम अपने अंतिम चरण में है, मिस्त्रियों के छुट्टी पर होने के कारण थोड़ा ही काम बाकी है, जिसे वे जल्द ही धीरे-धीरे पूरा कर लेंगे। मोटू राम की यह खुशी और उनके चेहरे का संतोष इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार की योजनाएं धरातल पर सफलतापूर्वक उतर रही हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना विशेष रूप से उन ग्रामीण और जनजातीय परिवारों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का काम कर रही है, जो दशकों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे। पक्का आवास मिलने से मोटू राम जैसे हजारों परिवारों का न केवल जीवन सुरक्षित हुआ है, बल्कि उनके बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव भी मजबूत हुई है। - 14 जून 2026