सरायकेला(ईएमएस)। झारखंड के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों में से एक रांची–महुलिया (टाटा) खंड, राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (नया एनएच-43 एवं एनएच-18) के सुदृढ़ीकरण एवं पुनर्विकास के लिए लगभग 126.497 किलोमीटर लंबी तथा 214.79 करोड़ की ओवरले परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूर्ण होने से रांची और जमशेदपुर के बीच यात्रा अधिक सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक होगी। रांची–महुलिया खंड राज्य की राजधानी रांची को औद्योगिक नगरी जमशेदपुर से जोड़ने वाला प्रमुख परिवहन गलियारा है। इस मार्ग पर प्रतिदिन भारी वाणिज्यिक वाहनों, यात्री बसों, खनिज परिवहन वाहनों तथा स्थानीय यातायात का व्यापक आवागमन होता है। लगातार भारी यातायात, मानसून के दौरान जल प्रवेश तथा सड़क की बढ़ती आयु के कारण कई स्थानों पर सड़क की सतह क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे यात्रा प्रभावित हो रही है।प्रस्तावित कार्य के अंतर्गत क्षतिग्रस्त बिटुमिनस सतह की मिलिंग कर उसे हटाया जाएगा तथा आवश्यक सुदृढ़ीकरण के उपरांत डेंस बिटुमिनस मैकाडम एवं बिटुमिनस कंक्रीट की नई परत बिछाई जाएगी। इससे सड़क की संरचनात्मक क्षमता बढ़ेगी, यात्रा समय में कमी आएगी तथा सड़क सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा।यह परियोजना खनिजों, औद्योगिक उत्पादों तथा अंतर्राज्यीय यातायात के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। रांची–टाटा कॉरिडोर झारखंड को ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद इस मार्ग पर यातायात संचालन और अधिक सुगम एवं निर्बाध हो सकेगा। मथुरा स्थित मेसर्स एसआरएससी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को इस कार्य के लिए दो पैकेजों में कुल 214.79 करोड़ की लागत से कार्य आवंटित किया गया है। निर्माण कार्य भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों, स्वीकृत तकनीकी विनिर्देशों एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं के अनुरूप किया जाएगा।इस महत्वपूर्ण परियोजना को रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के सतत प्रयासों एवं पहल के परिणामस्वरूप स्वीकृति प्राप्त हुई है। श्री सेठ ने रांची–टाटा मार्ग की जर्जर स्थिति को देखते हुए इसके सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता को लगातार संबंधित मंत्रालय एवं विभागों के समक्ष उठाया था। परियोजना की स्वीकृति के लिए श्री सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार जताया है। परियोजना का भूमि पूजन कार्यक्रम 18 जून को आयोजित किया जाएगा तथा इसके बाद कार्य प्रारंभ कर निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना झारखंड के आधारभूत ढांचे को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों, औद्योगिक विकास एवं यातायात सुविधा को नई गति प्रदान करेगी। कर्मवीर सिंह/14जून/26