राज्य
14-Jun-2026
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इंदौर (ईएमएस)। शहर के गिरते भूजल स्तर को सुधारने और वर्षा जल के अधिकतम संचय के लिए नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण और व्यावहारिक पहल शुरू की है। इसके तहत शहर के अनुपयोगी और बंद पड़े बोरवेलों को अब रिचार्ज शाफ्ट में तब्दील किया जाएगा। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने निगम मुख्यालय परिसर में चल रहे जल संरक्षण कार्यों का औचक निरीक्षण कर इस योजना की प्रगति देखी। उन्होंने परिसर में बंद पड़े बोरवेलों को रिचार्ज शाफ्ट में बदलने के कार्य का बारीकी से अवलोकन किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त सिंघल ने कहा कि बेकार हो चुके बोरवेलों को रिचार्ज शाफ्ट का रूप देकर वर्षा जल को सीधे भूगर्भ में पहुंचाया जा सकता है, जो जल संकट से निपटने में बेहद कारगर साबित होगा। वर्तमान में निगम मुख्यालय परिसर में एक नया अत्याधुनिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जबकि एक बड़ा हार्वेस्टिंग सिस्टम और तीन रिचार्ज पिट पहले से ही सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल संरक्षण के इस बेहतरीन मॉडल को केवल मुख्यालय तक सीमित न रखकर पूरे शहर में लागू किया जाए। उन्होंने सभी वार्डों में अनुपयोगी बोरवेलों को चिह्नित कर उनकी सूची तैयार करने और उन्हें चरणबद्ध तरीके से रिचार्ज शाफ्ट में बदलने के निर्देश दिए। साथ ही, वर्षा जल संग्रहण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने की बात कही। आयुक्त ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आम नागरिकों और व्यापारिक संस्थानों को भी अपने परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि बारिश की हर बूंद सहेजी जा सके। निरीक्षण के दौरान प्रभारी कार्यपालन यंत्री अश्विन जनवदे और क्षेत्रीय जोनल अधिकारी राज ठाकुर भी मुख्य रूप से उपस्थित थे। प्रकाश/14 जून 2026