राष्ट्रीय
15-Jun-2026


लखनऊ (ईएमएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विपक्षी राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने संकेत दिया है कि यदि उन्हें सम्मानजनक भागीदारी और बराबरी का दर्जा दिया जाए तो उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को रोकने के लिए विपक्षी दलों के साथ गठबंधन पर विचार कर सकती है। इस बयान के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने विपक्षी एकता के व्यापक लक्ष्य को देखते हुए किसी भी लोकतांत्रिक दल से संवाद की संभावना से इनकार नहीं किया है। वहीं समाजवादी पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर सतर्क रुख दिखाई दे रहा है। पार्टी के कई नेता मानते हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन सफल रहा था और 2027 में भी इसी फार्मूले को आगे बढ़ाया जा सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोटों के समीकरण को देखते हुए ओवैसी की पार्टी की भूमिका चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों ने अभी तक एआईएमआईएम के साथ किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं की है। इस बीच, असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआत बहराइच से करने का फैसला किया है। इसे 2027 के चुनावों के लिए एआईएमआईएम की सक्रिय तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले महीनों में विपक्षी दलों के बीच सीट बंटवारे और गठबंधन को लेकर कई दौर की बातचीत हो सकती है। फिलहाल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों ओवैसी को लेकर स्पष्ट रुख अपनाने से बचती नजर आ रही हैं, जिससे उत्तर प्रदेश की राजनीति में संभावनाओं और अटकलों का दौर जारी है। सुबोध/१५ -०६-२०२६