नई दिल्ली (फ्रांस) (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में अंदरूनी कलह लगातार गहराती जा रही है। पार्टी के भीतर बगावत का दायरा बढ़ने का दावा करते हुए वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा है कि दो और सांसद बागी खेमे में शामिल होने वाले हैं, जिससे इस गुट की संख्या बढ़कर 22 हो जाएगी। यह दावा पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा में टीएमसी के कुल 28 सांसद हैं और यदि 22 सांसद अलग रुख अपनाते हैं तो यह संख्या दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच जाती है। ऐसे में बागी गुट पर दल-बदल कानून (एंटी-डिफेक्शन लॉ) का तत्काल असर नहीं पड़ेगा, जिससे उनकी स्थिति और मजबूत हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम संसद में भी राजनीतिक समीकरण बदल सकता है, क्योंकि बागी सांसदों ने अलग गुट बनाकर न सिर्फ अपनी पहचान बनाने की कोशिश शुरू कर दी है, बल्कि भविष्य में किसी अन्य गठबंधन के साथ जाने की संभावना भी जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इस बगावत की शुरुआत हाल के दिनों में नेतृत्व को लेकर असंतोष और संगठनात्मक फैसलों से नाराजगी के बाद हुई। अब यह विवाद खुलकर सामने आने से टीएमसी के भीतर गहरी दरार साफ दिखाई देने लगी है। पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक इस नए दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि बागी सांसदों की संख्या 22 तक पहुंचती है तो यह टीएमसी के लिए सबसे बड़ा संसदीय संकट साबित हो सकता है। कुल मिलाकर, काकोली घोष दस्तीदार का यह दावा पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए सियासी तूफान के संकेत दे रहा है। सुबोध/१५ -०६-२०२६