मुंबई (ईएमएस)। हाल ही में मराठी शॉर्ट फिल्म पन्हा की एक विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई, जिसमें फिल्म से जुड़े कलाकारों और रचनात्मक टीम के साथ कई विशिष्ट अतिथि भी शामिल हुए। अभिनेत्री दीया मिर्जा ने स्क्रीनिंग की कुछ तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए इस अनुभव को बेहद खास बताया। कार्यक्रम में उनके साथ वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी भी मौजूद रहीं। साझा की गई तस्वीरों में फिल्म की पूरी टीम और दर्शकों के बीच संवाद और चर्चा का माहौल दिखाई दिया। अभिनेत्री ने बताया कि यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है और इसे उनकी संस्था वन इंडिया स्टोरीज के तहत तैयार किया गया है, जिसकी शुरुआत उन्होंने अपनी बचपन की मित्र अनन्या राणे के साथ की थी। दीया मिर्जा के अनुसार, इस परियोजना की नींव इस विश्वास पर रखी गई कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, जागरूकता और सकारात्मक बदलाव लाने का एक प्रभावशाली साधन भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि फिल्म पन्हा विकास परियोजनाओं और उनके कारण होने वाले विस्थापन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। कहानी एक बच्चे की नजर से उन खेती करने वाले परिवारों के जीवन को दिखाती है, जो बुलेट ट्रेन परियोजना जैसे बड़े विकास कार्यों के प्रभाव का सामना कर रहे हैं। फिल्म घर, स्मृतियों, पहचान और अपनेपन जैसे भावनात्मक विषयों को भी छूती है। इसके माध्यम से उन लोगों की आवाज को सामने लाने का प्रयास किया गया है, जिनकी कहानियां अक्सर विकास और प्रगति की बड़ी बहसों के बीच दबकर रह जाती हैं। दीया मिर्जा ने कहा कि स्क्रीनिंग के दौरान दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और फिल्म के बाद हुई सार्थक चर्चाओं ने इस अवसर को और भी यादगार बना दिया। अभिनेत्री ने फिल्म की निर्देशक साक्षी और पूरी टीम की सराहना करते हुए उन सभी सहयोगियों, साझेदारों और समर्थकों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस परियोजना को साकार करने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि पन्हा को मिल रहा प्यार और समर्थन यह साबित करता है कि सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कहानियां आज भी दर्शकों के दिलों को गहराई से छूने की क्षमता रखती हैं। फिल्म के माध्यम से किसानों और ग्रामीण समुदायों से जुड़े मुद्दों को नई संवेदनशीलता के साथ सामने लाने का प्रयास किया गया है। मालूम हो कि अभिनेत्री दीया मिर्जा की समर्थित और निर्मित मराठी शॉर्ट फिल्म पन्हा इन दिनों दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। महाराष्ट्र के आम उत्पादक किसानों के जीवन और उनकी चुनौतियों को केंद्र में रखकर बनाई गई यह फिल्म विकास और विस्थापन जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है। सुदामा/ईएमएस 16 जून 2026