मुंबई (ईएमएस)। बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और निर्देशक-निर्माता फरहान अख्तर के बीच फिल्म डॉन 3 को लेकर चल रहा विवाद अब फिल्म उद्योग में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। इस पूरे विवाद में अब एक नया खुलासा सामने आया है, जिसने फिल्म जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। फिल्म फेडरेशन के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने एक साक्षात्कार में बताया कि मामला औपचारिक रूप से फेडरेशन तक पहुंचने से पहले उद्योग के कई वरिष्ठ लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया था। उनके अनुसार, इस विवाद को शांत करने के लिए स्वयं आमिर खान ने पहल की थी। उन्होंने रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच संवाद स्थापित कर मतभेद दूर करने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका और दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई। अशोक पंडित ने कहा कि किसी भी कलाकार को किसी परियोजना से हटने के पीछे उचित कारण हो सकते हैं, लेकिन यदि किसी फिल्म के लिए सहमति देने के बाद निर्माता द्वारा निवेश शुरू कर दिया गया हो तो उससे होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण विषय बन जाती है। उनका कहना था कि चाहे कलाकार कितना भी बड़ा सितारा क्यों न हो, अंतिम समय में किसी प्रोजेक्ट से अलग होने के परिणामों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी बड़े बैनर की जगह कोई छोटा निर्माता इस स्थिति में होता, तो उसे गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता था। रिपोर्टों के अनुसार, फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट का दावा है कि रणवीर सिंह के फिल्म से अलग होने के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इसी आधार पर नुकसान की भरपाई की मांग किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। दूसरी ओर, उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि रणवीर सिंह और फिल्म के निर्माताओं के बीच कहानी, पटकथा और परियोजना में हो रही देरी को लेकर मतभेद थे। बताया जाता है कि अंतिम स्क्रिप्ट को लेकर असहमति और लगातार टलती तैयारियों ने स्थिति को और जटिल बना दिया। इस बीच अभिनेता सलमान खान के हस्तक्षेप की खबरें भी सामने आई थीं, लेकिन बाद में इन दावों को अफवाह बताया गया। सुदामा/ईएमएस 16 जून 2026