- गोपनीय तरीके से सेबी को सौंपा डीआरएचपी, भारतीय फिनटेक को मिलेगा नया बूस्ट नई दिल्ली (ईएमएस)। देश की प्रमुख फिनटेक कंपनियों में शुमार रेजरपे ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी दमदार दस्तक देने की तैयारी कर ली है। कंपनी ने अपने प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास गोपनीय तरीके से ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) जमा कर दिया है। यह कदम कंपनी के लिए 5,000 करोड़ रुपये से 6,000 करोड़ रुपये जुटाने का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिससे लिस्टिंग के बाद इसका वैल्यूएशन 50,000 करोड़ रुपये से 60,000 करोड़ रुपये के बीच पहुंचने का अनुमान है। रेजरपे की यह रणनीतिक तैयारी कई वर्षों से चल रही थी, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण कदम रिवर्स फ्लिप था। भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के उद्देश्य से कंपनी ने अपनी पैरेंट एंटिटी का हेड ऑफिस अमेरिका से भारत शिफ्ट कर लिया था। मई 2023 में इस प्रक्रिया की शुरुआत हुई और 2025 तक यह कॉरपोरेट ढांचा सफलतापूर्वक भारत में स्थानांतरित हो गया, जो स्टार्टअप जगत में एक दुर्लभ और दूरगामी कदम माना जाता है। गोपनीय डीआरएचपी फाइलिंग के तहत रेजरपे अपने वित्तीय और कारोबारी विवरण सेबी को सौंप चुकी है, लेकिन यह जानकारी तुरंत सार्वजनिक नहीं की जाती। यह तरीका कंपनियों को अपने संवेदनशील व्यावसायिक आंकड़ों को प्रतिस्पर्धियों से बचाने में मदद करता है, और हाल के वर्षों में कई बड़ी कंपनियां आईपीओ लाने से पहले इसी रास्ते का इस्तेमाल कर रही हैं। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब रेजरपे की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी फिनटेक कंपनी फोनपे ने बाजार में बढ़ती अस्थिरता और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का हवाला देते हुए अपने आईपीओ की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी है। फोनपे लगभग 1.5 अरब डॉलर जुटाने और 15 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर लिस्ट होने की योजना बना रही थी, लेकिन मौजूदा बाजार परिस्थितियों ने उसके प्लान पर ब्रेक लगा दिया। पीक एक्सवी पार्टनर्स, टाइगर ग्लोबल, रिबिट कैपिटल, टीसीवी, मैट्रिक्स पार्टनर्स और लाइट्सपीड वेंचर पार्टनर्स जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों का समर्थन प्राप्त रेजरपे का आईपीओ अगर सफल रहता है, तो यह भारतीय फिनटेक सेक्टर और देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक अहम मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल डिजिटल पेमेंट सेक्टर में निवेश और नवाचार को गति देगा, बल्कि अन्य भारतीय स्टार्टअप्स के लिए भी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने की नई राहें खोलेगा। सतीश/ईएमएस 16 जून 2026