- पेट्रोलियम और इंजीनियरिंग उत्पादों ने दी रफ्तार; आयात में भी तेज वृद्धि दर्ज नई दिल्ली (ईएमएस)। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार मई माह में भारत के व्यापारिक वस्तु निर्यात ने रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की है। यह 45.20 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, इस दौरान आयात में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे देश का व्यापार घाटा ऊंचा बना रहा। आंकड़ों के मुताबिक पेट्रोलियम उत्पादों और इंजीनियरिंग वस्तुओं के मजबूत प्रदर्शन ने निर्यात वृद्धि में अहम योगदान दिया। पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 55 प्रतिशत बढ़कर 8.42 अरब डॉलर हो गया, जबकि इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात लगभग 25 प्रतिशत बढ़कर 12.31 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वाणिज्य अधिकारी ने बताया कि पश्चिम एशिया को होने वाला निर्यात मई में 5.30 अरब डॉलर रहा, जो लगभग मई 2025 के स्तर पर लौट आया है। यह शिपिंग मंत्रालय और निर्यात संवर्धन एजेंसियों के प्रयासों से संभव हुआ, जिन्होंने होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के दौरान वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की। दूसरी ओर, देश का आयात भी लगभग 21 प्रतिशत बढ़कर 73.41 अरब डॉलर के पिछले सात महीनों के उच्च स्तर पर पहुंच गया। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा मासिक आयात बिल है, जो पिछले वर्ष अक्टूबर के 76.73 अरब डॉलर के रिकॉर्ड से कुछ कम है। इसके परिणामस्वरूप, मई में व्यापार घाटा 28.21 अरब डॉलर रहा, जो अप्रैल के 28.38 अरब डॉलर से थोड़ा कम है लेकिन पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है। सेवा क्षेत्र की बात करें तो मई में सेवाओं का निर्यात अनुमानित रूप से 13 प्रतिशत बढ़कर 36.76 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 14 प्रतिशत बढ़कर 19.06 अरब डॉलर हो गया। इससे सेवाओं के व्यापार में भारत को मई में लगभग 17.70 अरब डॉलर का अधिशेष मिला, जो एक सकारात्मक संकेत है। राजेश अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि अगर अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद पश्चिम एशिया में स्थिति सामान्य रहती है, तो जून में निर्यात और बेहतर रहने की संभावना है। सतीश मोरे/16जून ---