ब्रेंट के 65 डॉलर तक फिसलने का अनुमान मुंबई (ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट से देश की सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) को बड़ा फायदा मिल रहा है। पेट्रोल और डीजल की हालिया मूल्य वृद्धि के साथ कच्चे तेल के नरम पड़ने से कंपनियों की कमाई में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। अप्रैल की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड 125 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर था, जो अब घटकर करीब 83 डॉलर प्रति बैरल रह गया है। इस नरमी से तेल कंपनियों पर दबाव कम हुआ है और वे ऑटो फ्यूल कारोबार में सामान्य मुनाफे के करीब पहुंच चुकी हैं। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और पिछले एक महीने में ओएमसी शेयरों में अच्छी तेजी भी देखी गई है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट के अनुसार ओएमसी के लिए हालात बेहतर दिख रहे हैं। ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगले कुछ महीनों में ब्रेंट क्रूड 75 डॉलर प्रति बैरल से नीचे जा सकता है, जिससे कंपनियां पेट्रोल और डीजल पर 5 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा का मुनाफा कमा सकती हैं। एलपीजी कारोबार में हालांकि दबाव बरकरार है, पर हालिया मूल्य वृद्धि से कुछ राहत मिली है। एंटीक ने एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी पर बाय रेटिंग बरकरार रखते हुए एचपीसीएल को अपनी पहली पसंद बताया है। बढ़ती वैश्विक आपूर्ति और धीमी मांग के चलते अगले 6-9 महीनों में ब्रेंट क्रूड 65-70 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है, जो ओएमसी के लिए सकारात्मक खबर है। सतीश मोरे/16जून ---