राष्ट्रीय
16-Jun-2026
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सीमावर्ती और रणनीतिक ठिकानों पर बढ़ाई जा रही सुरक्षा, एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती तेज नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश की सीमाओं और महत्वपूर्ण रणनीतिक ठिकानों व परिसंपत्तियों पर संभावित ड्रोन हमलों की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाने और आधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती में तेजी लाने को कहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जहाज और जलमार्ग मंत्रालय के समुद्री सुरक्षा प्रभाग ने जमीन और समुद्री सीमाओं के निकट स्थित महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों पर ड्रोन हमलों के खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। मंत्रालय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है। पत्र में विशेष रूप से सीमा क्षेत्रों में एंटी-ड्रोन तकनीक की स्थापना पर जोर दिया गया है। इसी के साथ ही मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि शत्रु ड्रोन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और रणनीतिक ठिकानों के संचालन को प्रभावित कर सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने देशभर के संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। बीएसएफ और सीआईएसएफ की विशेष समितियां सक्रिय गृह मंत्रालय ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के तहत एक विशेष समिति का गठन किया है, जिसका दायित्व देश के लिए उपयुक्त एंटी-ड्रोन प्रणालियों का परीक्षण और मूल्यांकन करना है। सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है, कि पाकिस्तान सीमा से लगे पंजाब के क्षेत्रों में इन प्रणालियों की तैनाती की तैयारी चल रही है और इसके लिए परीक्षण भी शुरू किए जा चुके हैं। केंद्रीय ऑद्योगिक सुरक्षा बल की भी टीम गठित वहीं, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने भी एक विशेषज्ञ टीम गठित की है। इस टीम में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) और बीएसएफ के अधिकारी शामिल हैं। टीम देश के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों का दौरा कर सुरक्षा जरूरतों का आकलन कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस टीम की रिपोर्ट और गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद यह तय किया जाएगा कि किस संवेदनशील स्थल पर कौन-सी एंटी-ड्रोन तकनीक स्थापित की जाएगी। थूथुकुडी पोर्ट बना देश का पहला एंटी-ड्रोन संरक्षित बंदरगाह तमिलनाडु के थूथुकुडी स्थित वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट में फरवरी 2026 में अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किया गया था। इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था अपनाने वाला यह देश का पहला बंदरगाह है। इस परियोजना के लिए बंदरगाह प्रशासन ने सरकारी कंपनी सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के साथ समझौता किया है। रेडियो फ्रीक्वेंसी और रडार आधारित यह प्रणाली संदिग्ध ड्रोन की पहचान करने के साथ-साथ उन्हें निष्क्रिय या जाम करने में भी सक्षम है। 360 डिग्री निगरानी क्षमता वाला यह सिस्टम बंदरगाह की सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। सरकार का मानना है कि इस तरह की आधुनिक तकनीकों का विस्तार देश की हवाई और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेगा। यह पहल ‘अमृत काल विजन 2047’ और ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हिदायत/ईएमएस 16जून26