- कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में दर्ज करेगी एकमुश्त असाधारण खर्च नई दिल्ली (ईएमएस)। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को एक बड़े कानूनी झटके के बाद वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अतिरिक्त सात करोड़ अमेरिकी डॉलर का प्रावधान करना होगा। यह फैसला अमेरिकी उच्चतम न्यायालय द्वारा कंप्यूटर साइंसेज कॉर्पोरेशन (अब डीएक्ससी टेक्नोलॉजी का हिस्सा) के साथ व्यापारिक रहस्यों से जुड़े कानूनी विवाद में निचली अदालत के फैसले की समीक्षा से इनकार करने के बाद आया है। टीसीएस ने मंगलवार को बीएसई को दी गई सूचना में बताया कि उसने इस मामले के लिए पहले ही 15 करोड़ डॉलर का प्रावधान किया हुआ था। अब कंपनी हर्जाना, ब्याज और कानूनी लागत के रूप में सात करोड़ अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त राशि का प्रावधान करेगी। यह एक बार का असाधारण खर्च वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में दर्ज किया जाएगा। दरअसल, अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने 15 जून 2026 को इस मामले में यूनाइटेड स्टेट्स कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द फिफ्थ सर्किट के निर्णय की समीक्षा के लिए टीसीएस की याचिका को खारिज कर दिया है। इससे पहले, यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द फिफ्थ सर्किट ने 19.42 करोड़ डॉलर के हर्जाने के आदेश को बरकरार रखते हुए कंप्यूटर साइंसेज कॉर्पोरेशन/डीएक्ससी टेक्नोलॉजी के पक्ष में फैसला सुनाया था। यह मामला व्यापारिक रहस्यों के उल्लंघन से संबंधित है, जिसका खुलासा टीसीएस ने जून 2024 और नवंबर 2025 में शेयर बाजार को की गई सूचनाओं में किया था। सतीश मोरे/16जून ---