कई घंटों तक चली पूछताछ कोलकाता,(ईएमएस)। शिक्षक भर्ती से जुड़े कथित घोटाले की जांच के तहत तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को लंबी पूछताछ की। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही उनसे एक अन्य मामले में राज्य की जांच एजेंसी द्वारा भी सवाल-जवाब किए गए थे। सूत्रों के अनुसार, ईडी के समन पर अभिषेक बनर्जी सुबह कोलकाता स्थित एजेंसी के कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। जांच एजेंसी ने कथित शिक्षक भर्ती अनियमितताओं और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के संबंध में उनका बयान दर्ज किया। अधिकारियों ने वित्तीय दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य आरोपियों के बयानों के आधार पर उनसे कई सवाल किए। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान बनर्जी ने खुद को एक सामान्य और जमीनी स्तर का राजनीतिक कार्यकर्ता बताते हुए कथित घोटाले से किसी भी प्रकार के संबंध से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, जांच एजेंसी उनके जवाबों और प्रस्तुत तथ्यों का विस्तृत परीक्षण कर रही है। ईडी का मुख्य फोकस कथित रूप से अवैध तरीके से अर्जित धन के स्रोत और उसके प्रवाह का पता लगाना है। जांचकर्ता यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि धन का प्रबंधन किस स्तर पर किया गया, उसे किन खातों और संस्थाओं के माध्यम से स्थानांतरित किया गया तथा क्या उसकी वास्तविक उत्पत्ति को छिपाने के लिए जटिल वित्तीय लेन-देन का सहारा लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पहले जमा किए गए दस्तावेजों और हाल में प्राप्त सामग्री के बीच सामने आई विसंगतियों को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके अलावा, फॉरेंसिक विश्लेषण में सामने आए कथित बिचौलियों और लाभार्थी संस्थाओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। जांच एजेंसी का कहना है कि उसने बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड और संचार संबंधी डेटा एकत्र किए हैं, जिनके आधार पर कई व्यक्तियों की संभावित भूमिका की पड़ताल की जा रही है। पूछताछ का उद्देश्य उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों और बनर्जी के बयानों के बीच सामंजस्य स्थापित करना है। शिक्षक भर्ती मामले की जांच लंबे समय से चर्चा में है और इससे जुड़े कई पहलुओं की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है। ऐसे में अभिषेक बनर्जी से हुई यह पूछताछ मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। फिलहाल एजेंसी उनके बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण कर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी। वीरेंद्र/ईएमएस/16जून2026