16-Jun-2026
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:: कैबिनेट बैठक में इंदौर मेट्रो के लिए 19,472 करोड़ स्वीकृत, स्वास्थ्य नीति के लिए बनेगी उप समिति :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण को बड़ी रफ्तार दी गई। कैबिनेट ने कुल 24,200 करोड़ रुपये के विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसमें इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण सहित कुल 19,472 करोड़ 29 लाख रुपये का पुनरीक्षित बजट स्वीकृत किया गया। इसके साथ ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने के लिए मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति 2026 के प्रस्ताव पर 5 सदस्यीय मंत्रि-मण्डल उप समिति का गठन किया गया है। :: इंदौर मेट्रो की लागत संशोधित, मिलेंगे अतिरिक्त वित्तीय स्रोत :: मंत्रि-परिषद ने इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 7,500.80 करोड़ रुपये में 5,388.58 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर नई पुनरीक्षित लागत 12,889.38 करोड़ रुपये मंजूर की है। इसके अलावा परियोजना के लिए पीपीपी घटक एवं आंतरिक ऋण को सम्मिलित करते हुए 6,582.91 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्त पोषण को भी हरी झंडी दी गई। इस अतिरिक्त राशि में भारत सरकार और मध्यप्रदेश शासन द्वारा 1,696.74 करोड़ रुपये की अतिरिक्त इक्विटी भी शामिल है। :: तीन जिलों के स्वास्थ्य केंद्र अब आउटसोर्स मॉडल पर :: ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कैबिनेट ने रीवा, देवास और गुना के चिह्नित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आउटसोर्स प्रणाली से संचालित करने के पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। यह व्यवस्था उन केंद्रों के लिए है जहां चिकित्सकों के अधिकांश पद रिक्त हैं। निविदा प्रक्रिया एमपीपीएचएससीएल (MPPHSCL) के माध्यम से होगी। परिणाम अच्छे मिलने पर इस मॉडल का विस्तार प्रदेश के अन्य केंद्रों में भी किया जाएगा। :: वन्यप्राणी संरक्षण और 94 गांवों के विस्थापन के लिए बजट :: वन विभाग के अंतर्गत प्रोजेक्ट टाइगर एंड एलिफेंट और संवेदनशील क्षेत्रों के 94 गांवों के विस्थापन व पुनर्वास मुआवजे के लिए 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-2031) के तहत 2,381 करोड़ 15 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। यह राशि संजय, सतपुड़ा, पन्ना, वीरांगना दुर्गावती, रातापानी टाइगर रिजर्व, ओरछा अभयारण्य और कूनो राष्ट्रीय उद्यान के क्षेत्रों में खर्च होगी। :: श्रमिक कल्याण, जनजातीय शिक्षा और रेशम उत्पादन को बढ़ावा :: बैठक में सामाजिक और आर्थिक समावेशन को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए: जनजातीय विकास : प्रदेश के 22 जिलों में कार्यरत 32 अनुदान प्राप्त अशासकीय संस्थाओं द्वारा संचालित शैक्षणिक और आवासीय सुविधाओं के लिए 687 करोड़ रुपये स्वीकृत। रेशम उत्पादन : स्थानीय स्तर पर सतत रोजगार और ककून उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए रेशम समृद्धि योजना सहित 8 कार्यक्रमों के लिए आगामी पांच वर्षों हेतु 639 करोड़ 25 लाख रुपये की मंजूरी। श्रमिक कल्याण : श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, औद्योगिक सुरक्षा और श्रमिक कल्याण योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए 531 करोड़ 78 लाख रुपये आवंटित। इंदौर स्थित हाइजीन लैब का आधुनिकीकरण भी इसमें शामिल है। लोकल फंड ऑडिट : स्थानीय निकायों के वित्तीय प्रबंधन व ऑडिट व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए स्थानीय निधि संपरीक्षा के संचालन हेतु 492 करोड़ 45 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। प्रकाश/16 जून 2026