क्षेत्रीय
16-Jun-2026
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वर्ष 2023-24 बैच के 300-400 विद्यार्थियों को अब तक नहीं मिल पाई छात्रवृत्ति जनसुनवाई में विद्यार्थियों का फूटा गुस्सा— कहा ‘आवेदन ही करते रहेंगे या मिलेगा भी हक?’ बालाघाट (ईएमएस). जिले में शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। डोंगरिया स्थित सरदार पटेल स्कूल ऑफ पैरामेडिकल में पढऩे वाले सैकड़ों छात्रों को तीन साल बाद भी उनकी छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। हैरानी की बात यह है कि 2023-24 सत्र के विद्यार्थी आज 2026 में भी अपने ही हक के लिए भटकने को मजबूर हैं। जिम्मेदार विभाग और कॉलेज प्रबंधन सिर्फ आश्वासन की फाइलें घुमा रहे हैं, जबकि गरीब छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। डोंगरिया स्थित सरदार पटेल स्कूल ऑफ पैरामेडिकल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला वर्ष 2023-24 सत्र के विद्यार्थियों की लंबित छात्रवृत्ति का है। मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र जनसुनवाई में पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की मांग की। छात्रों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से वे कॉलेज प्रबंधन और संबंधित विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें ‘प्रक्रिया जारी है’ का हवाला देकर लौटा दिया जाता है। उनका कहना है कि आवेदन करने के अलावा अब तक उन्हें कुछ नहीं मिला। पोर्टल की लापरवाही का खामियाजा छात्रों पर छात्र ताशुल साहू और भाव्या ने बताया कि ओबीसी छात्रवृत्ति पोर्टल समय पर नहीं खुलने के कारण आवेदन प्रक्रिया पूरी ही नहीं हो सकी। इसका खामियाजा अब सैकड़ों विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि अगर समय पर छात्रवृत्ति मिल जाती, तो फीस और पढ़ाई दोनों में राहत मिलती। छात्र प्रभावित, भविष्य संकट में छात्रों के अनुसार इस लापरवाही से करीब 300 से 400 विद्यार्थी प्रभावित हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले कई छात्रों के लिए यह स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। कुछ छात्रों के सामने पढ़ाई छोडऩे तक की नौबत बन रही है। बावजूद इसके न तो कॉलेज प्रबंधन और न ही संबंधित विभाग इसे गंभीरता से ले रहा है। जिसके कारण विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ रहा है। फीस में देरी, ऊपर से पेनाल्टी का डबल वार छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाया कि छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण फीस समय पर जमा नहीं हो पा रही, और देरी होने पर अतिरिक्त शुल्क भी वसूला जा रहा है। यानी एक तरफ छात्रवृत्ति अटकी, दूसरी तरफ पेनाल्टी का बोझ—छात्र दोहरी मार झेल रहे हैं। प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग जनसुनवाई में पहुंचे छात्रों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो उनकी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित होगी और कई छात्र शिक्षा बीच में छोडऩे को मजबूर हो जाएंगे। पहले भी सवालों के घेरे में रहा कॉलेज सरदार पटेल स्कूल ऑफ पैरामेडिकल पहले भी कई मामलों को लेकर विवादों में रहा है। अब छात्रवृत्ति में इतनी बड़ी देरी ने एक बार फिर कॉलेज और संबंधित सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके पूर्व सरदार पटेल विश्वविद्यालय द्वारा संचालित बीएचएमएस, नर्सिंग विद्यार्थियों के स्थायी पंजीयन का मामला भी काफी चर्चाओं में रहा है। कोर्स पूरा होने के बाद भी प्रबंधन की लापरवाही के कारण विद्यार्थियों को अपने हक की लड़ाई स्वयं लडऩी पड़ी थी। वहीं अब विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति का मामला फिर तुल पकड़ रहा है। भानेश साकुरे / 16 जून 2026