क्षेत्रीय
16-Jun-2026


बालाघाट (ईएमएस). जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर मृणाल मीना के मार्गदर्शन में संचालित शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार अभियान के तहत स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालय खुलने के पहले ही दिन से शत-प्रतिशत छात्र उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा नियमित शिक्षण कार्य प्रारंभ किया जाए। कलेक्टर मृणाल मीना ने निर्देशित किया है कि सभी शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करना वहां पदस्थ शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी। प्रत्येक शिक्षक को अपने विद्यालय के छात्र-छात्राओं से संपर्क कर उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रेरित करना होगा, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। कलेक्टर मीना ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक गतिविधियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि निरीक्षण के दौरान शिक्षक बिना उचित कारण के अनुपस्थित पाए जाते हैं या अपने कार्यों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाते हैं, तो उनके विरुद्ध नो वर्क-नो पे के सिद्धांत के तहत वेतन कटौती की कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय खुलने के पहले दिन से ही पढ़ाई का वातावरण बनना चाहिए। केवल उपस्थिति दर्ज कराने तक सीमित न रहकर शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर भी विशेष ध्यान देना होगा, ताकि विद्यार्थियों का सीखने का स्तर बेहतर हो सके। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जिला प्रशासन द्वारा विद्यालयों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान यदि किसी विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति संतोषजनक नहीं पाई जाती है अथवा शिक्षकों द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती जाती है, तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन), शिक्षक सशक्तिकरण, नियमित मूल्यांकन तथा तकनीक आधारित मॉनिटरिंग जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले का प्रत्येक बच्चा नियमित रूप से विद्यालय पहुंचे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके। सभी शिक्षकों, पालकों एवं विद्यालय प्रबंधन समितियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा गया है कि बच्चों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन इस दिशा में पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है तथा शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सतत निगरानी बनाए हुए है। भानेश साकुरे / 16 जून 2026