राज्य
02-Dec-2025
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सदन में किसानों के मुद्दे पर जोरदार हंगामा भोपाल (ईएमएस) । मप्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक खेतों में फसलों की स्थिति को दर्शाती तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे। कांग्रेस विधायकों के हाथों में अलग-अलग तख्तियां थीं। जिनमें लिखा था- ‘किसानों की चिडिय़ा बन खेत चुग रही सरकार’, अन्य पोस्टर में लिखा था ‘किसान के नाम पर सत्ता टिकाई, अब उसी किसान को भावांतर में डुबाई’ और ‘मिट्टी में मिला सरकारी सपना, कर्ज में डूबना किसान अपना।’ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश का किसान कभी खाद के लिए, कभी खरीदी के उचित मूल्य के लिए, और कभी मुआवजे के लिए दर-दर भटक रहा है। मुरैना से कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर ने कहा कि भाजपा की किसान किसानों के खेतों पर डाका डाल रही है। कर्जा माफ नहीं किया, बिजली नहीं दी, 1 रुपए का कर्जा माफ नहीं किया, फसलों के दाम नहीं मिले। फसल बीमा के नाम पर दो सौ चार सो रुपए दिए जाते हैं, ये मध्य प्रदेश का दुर्भाग्य है। हमारी मांग है कि किसानों को फसलों का मुआवजा दिया जाए। वहीं, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि दो हजार 68 करोड़ रुपए राहत राशि के रूप में किसानों को सरकार ने दिया है। प्रदर्शन करना कांग्रेस का काम है। महिदपुर से कांग्रेस विधायक दिनेश जैन ने कहा कि सरकार किसानों के नाम से उद्योगपतियों के हित की योजनाएं बना रही है। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने किसानों के अतिवृष्टि से हुए नुकसान को लेकर कहा कि दो हजार 68 करोड़ रुपए राहत राशि के रूप में किसानों को सरकार ने दिया है। प्रदर्शन करना कांग्रेस का काम है। अन्नदाता सडक़ पर संघर्ष कर रहा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश का किसान कभी खाद के लिए, कभी खरीदी के उचित मूल्य के लिए, और कभी मुआवजे के लिए दर-दर भटक रहा है। अन्नदाता आज मजबूर होकर सडक़ पर संघर्ष कर रहा है, जबकि सत्ता धारी केवल भावांतर का झुनझुना बजाते रहे। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि किसानों के हितों की रक्षा न कर पाना भाजपा सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। किसानों के खेत भाजपा सरकार रूपी चिडिय़ा पहले ही साफ कर चुकी है। अतिवृष्टि से नुकसान, फिर भी मुआवजा नहीं कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि अतिवृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ, लेकिन सरकार मुआवज़ा देने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को मंडियों में उचित दाम नहीं मिल रहे और खाद की किल्लत बदस्तूर जारी है। किसान मजबूर है, लेकिन सरकार उसकी पुकार सुनने को तैयार नहीं, बरैया ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आवाज सुना ही नहीं चाहती है। पूरे प्रदेश के किसान परेशान है। कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने कहा कि प्रदेश भर में किसानों को समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है और खाद का संकट लगातार गहरा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की बुवाई और खरीफ-रबी दोनों फसलें प्रभावित हो रही हैं, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर उदासीन बनी हुई है। आदिवासियों की फसलें नष्ट करने का मुद्दा उठा विधायक चंदा सुरेंद्र सिंह गौर ने खरगापुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भटगौरा के 25 आदिवासियों द्वारा एसपी को आवेदन देकर आदिवासियों की फसलें नष्ट करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला उठाया। मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्षों के ओर से एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। विधायक ने कहा कि इसके पहले 2009 में भी आरोपियों ने आदिवासियों के घरों में आग लगाई थी और अब फिर वही स्थिति बन रही है। सत्र की अवधि छोटी होने से कांग्रेस विधायक नाराज इस बार का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से 5 दिसंबर तक बुलाया गया है। इसमें से 3 दिसंबर की छुट्टी होने के चलते सिर्फ चार ही बैठकें हो रही हैं। इसके चलते कांग्रेस के विधायक नाराज हैं।